एलपीजी संकट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai LPG Black Marketing: ईरान-इजराइल और अमेरिका में जारी युद्ध का असर भारतीय किचन पर साफ दिख रहा है। कई लोग एलपीजी के विकल्प में इंडक्शन चूल्हा अपना रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि सिलेंडर की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 के आसपास है लेकिन कालाबाजार में यह कीमत 2500 से 3 हजार है। आम आदमी गैस एजेंसी के लाइन में घंटों खड़े रह रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि सिलेंडर जल्दी नहीं मिल पा रहा है।
मुुंबई के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी के कारण हजारों होटल संचालकों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आहार) ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, मुंबई और ठाणे में लगभग 20,000 होटल एलपीजी पर निर्भर हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो गई है। नतीजतन कई होटलों को अपना मेन्यू सीमित करना पड़ा है, जबकि कुछ स्थानों पर संचालन आंशिक रूप से बंद करना पड़ा है।
होटल मालिकों का कहना है कि रसोई चलाना मुश्किल हो गया है और कर्मचारियों के भोजन तक की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी की भी शिकायतें सामने आई है। जहां पहले एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,800 से 1,900 रुपये के बीच थी, वहीं अब इसे 4 हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है।
मुंबई के होटल संचालकों का आरोप है कि आपूर्ति की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध रूप से ऊंचे दाम वसूल रहे हैं, आहार ने यह भी दावा किया है कि इस संकट के कारण पहले ही मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल बंद या आंशिक रूप से बंद हो चुके हैं। यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो हजारों लोगों की नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं।
इस संकट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को माना जा रहा है, जिसके कारण एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दिए जाने से कमर्शियल सेक्टर पर दबाव और बढ़ गया है। होटल उद्योग ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी की आपूर्ति तुरंत बढ़ाई जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस संकट से जल्द राहत मिल सके।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने मुंबई में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के अवैध व्यापार पर अपनी कार्रवाई तेज करने की बात कही है। गोवंडी में एक गैस वितरण कर्मों के खिलाफ सिलेंडरों को अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, एलपीजी डिलीवरी में शामिल मोहम्मद फारूक शेख ने कथित तौर पर एक गैस एजेंसी से 3,100 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से सिलेंडर खरीदे और उन्हें इलाके के होटल मालिकों को 3,300 रुपये में बेचकर अवैध मुनाफा कमाया।
इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने तीन सिलेंडर जब्त किए, जिनमें एक भरा हुआ सिलेंडर था जिसका वजन 21 किलोग्राम था और दो खाली सिलेंडर थे जिनका वजन प्रत्येक का वजन 19 किलोग्राम था, साथ ही भंडारण और परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक गैर-परिचालन वाला चार पहिया टेम्पो भी जब्त किया गया। गोवंडी राशनिंग कार्यालय के 56 वर्षीय अधिकारी जगन्नाथ भानुदास सनप की शिकायत के आधार पर देवनार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर हीलियम गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से एमआरआई सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। मुंबई में फिलहाल एमआरआई जांच सेवाएं सुचारु रूप से जारी हैं और मरीजों को किसी प्रकार की तत्काल परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
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एमआरआई मशीनों में इस्तेमाल होने वाला तरल हेलियम सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट्स को ठंडा रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इसकी आपूर्ति में बाधा आने से भविष्य में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, फिलहाल राहत की बात यह है कि अधिकांश एमआरआई मशीनों में बार-बार हीलियम भरने की जरूरत नहीं होती, आमतौर पर 3 से 5 वर्षों में एक बार रीफिल किया जाता है, जिससे मौजूदा सेवाओं पर तुरंत असर नहीं पड़ा है। नई तकनीक वाली मशीनों में हीलियम की खपत भी कम हो गई है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह संकट लंबा चलता है, तो नई मशीनों की स्थापना, मरम्मत और जांच लागत पर असर पड़ सकता है। ऐसे में हीलियम पर निर्भरता कम करने के लिए नई तकनीकों का विकास जरूरी माना जा रहा है।