गैस संकट से मुंबई का होटल उद्योग संकट में, इंडक्शन चूल्हों की मांग 30 गुना बढ़ी

Induction Stove Demand Surge: मध्य पूर्व तनाव के कारण गैस संकट ने मुंबई के होटल उद्योग को झटका दिया है। एलपीजी की कमी से इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ी है और कई होटल बंद होने की कगार पर हैं।
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इंडक्शन स्टोव (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Hotel Industry Gas Crisis News: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग से निर्माण हुए गैस संकट ने मुंबई के होटल कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। एलपीजी गैस आपूर्ति बाधित होने से बड़ी संख्या में होटल व रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं।

ऐसे में अपने कारोबार को बचाने के लिए होटल मालिक इंडेक्शन चूल्हे को विकल्प के तौर पर चुन रहे हैं। इस बीच इंडक्शन चूल्हे की मांग 30 गुना से ज्यादा बढ़ गई है। मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग में भारी उछाल आया है।

खुदरा दुकानों में स्टॉक कम हो गया है और लोगों को बैकअप के रूप में या विकल्प के तौर पर बिजली से चलने वाले चूल्हे खरीद रहे हैं। रेस्टोरेंट कारोबारी भी विकल्पों की तलाश में लगे हैं। जो बिक्री आम तौर पर एक महीने में होती थी, वह सिर्फ़ तीन दिनों में ही पूरी हो जा रही है।

इंडक्शन चुल्हों की मांग बढ़ने से उनकी कीमतों में तीन से चार गुना उछाल आया है। होटल मालिक गैस संकट खत्म होने तक इंडक्शन चूल्हों को विकल्प के तौर पर चुन रहे हैं। हालांकि बड़ी रसोई के लिए बड़े चूल्हों की जरूरत है, जिसके लिए उन्हें ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ रहा है।

चाय टपरी चलानेवालों में भी इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी है। गैस की किल्लत के कारण कई होटल बंद हो रहे हैं और हजारों कामगार अपने गांव लौटने को मजबूर हैं। यही हालात बने रहे तो कुछ दिनों में होटल उद्योग बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा।

कोरोना महामारी जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। मुंबई में कमर्शियल एलपीजी और पीएनजी की भारी किल्लत के कारण होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय गंभीर संकट में है। राज्य में करीब पांच लाख छोटे-बड़े होटल हैं, इस उद्योग पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो करोड़ लोगों की आजीविका निर्भर है।

अकेले मुंबई में 20 हजार होटल हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है। सरकार के निर्देश में एसपीजी को घरेलू इस्तेमाल तक सीमित करने को कहा गया है। घरेलू गैस को प्राथमिकता दी गई है, जिसके बाद अस्पताल, स्कूल और छात्रावास आते हैं, जबकि होटल व्यवसाय को आखिरी क्रम में रखा गया है। होटल मालिक अब लकड़ी या कोयले के चूल्हे का उपयोग करने को मजबूर हैं। लेकिन प्रदूषण के कारण लकड़ी या कोयले की भट्टियों पर प्रतिबंध है।

बंद हो सकते हैं 50 प्रतिशत होटल

होटल एण्ड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (वेस्टर्न इंडिया) ने महाराष्ट्र सरकार से लाइसेंस शुल्क जमा करने की समय सीमा एक महीने बढ़ाने की मांग की है। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आहार) के अनुसार स्थिति नहीं सुधरी तो 50% होटल बंद हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लगाई गुहार

होटल कारोबारियों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल और अन्य नेताओं से मुलाकात करके अपनी समस्याएं बताई गई हैं। मांग की गई है कि कम से कम होटल में रहने वाले श्रमिकों के लिए 50 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाए। कई होटल मालिकों ने मेन्यू में कटौती कर दी है और संचालन का समय भी घटा दिया है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो और अधिक होटल बंद होने की संभावना है।

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