मराठा आंदोलन का असर: CSMT पर 1.5 टन कचरा, तीन दिन में 262 लोकल ट्रेनें रद्द

Mumbai News: मराठा आंदोलन के दौरान सीएसएमटी स्टेशन पर सफाई व्यवस्था बिगड़ गई। यात्रियों को बदबू और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से तीन दिनों में 262 लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
CSMT पर 1.5 टन कचरा (pic credit; social media)
CSMT पर 1.5 टन कचरा (pic credit; social media)
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Maharashtra News: मराठा आरक्षण आंदोलन का सीधा असर मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनों और सीएसएमटी स्टेशन पर देखने को मिला। आंदोलनकारियों की भारी भीड़ और लगातार हो रहे चक्का जाम के कारण स्टेशन परिसर अव्यवस्था और गंदगी से जूझता रहा।

सिर्फ एक दिन में सफाईकर्मियों को 1.5 टन कचरा उठाना पड़ा। हर जगह प्लास्टिक की बोतलें, खाने के डिब्बे और गीला कचरा बिखरा रहा। यात्रियों ने बदबू और अस्वच्छ माहौल की शिकायतें लगातार दर्ज कराईं। यात्री सुनील पवार ने बताया, “सीएसएमटी पर हालात असहनीय हो गए थे। चारों ओर कचरा फैला था और बदबू से सांस लेना मुश्किल हो गया था।”

रेलवे प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा कारणों से और स्थिति को संभालने के लिए लोकल ट्रेन संचालन पर भी असर पड़ा। केवल तीन दिनों में मध्य रेलवे को 262 लोकल ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।

  • 29 अगस्त को 77 ट्रेनें
  • 30 अगस्त को 83 ट्रेनें
  • 31 अगस्त को 34 ट्रेनें
  • 1 सितंबर को 68 ट्रेनें बंद रहीं।

अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों की वजह से कई बार ट्रैक और स्टेशन परिसर पर चक्का जाम की स्थिति बनी, जिसके चलते यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों को रद्द करने का कदम उठाना पड़ा।

लोकल ट्रेन सेवा बाधित होने से लाखों यात्री प्रभावित हुए। रोजाना की तरह यात्रा करने वालों को ट्रेनों के रद्द होने से बसों और ऑटो पर निर्भर रहना पड़ा। कई जगहों पर बस स्टॉप और टैक्सी स्टैंड पर लंबी कतारें देखी गईं।

सीएसएमटी स्टेशन पर गंदगी और ट्रेनों की रद्दीकरण की वजह से यात्रियों में आक्रोश भी देखा गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने सफाई व्यवस्था और रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि हालात पर काबू पाने और व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं।

अब आंदोलन समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन सामान्य किया जा रहा है और स्टेशन पर सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।

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