मराठा आरक्षण आंदोलन: चार दिन बाद CSMT से बेस्ट बस सेवा फिर शुरू, यात्रियों को राहत

Mumbai News: मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण बंद रही बेस्ट बस सेवा चार दिन बाद सीएसएमटी से बहाल हुई। आंशिक बाधाओं के बावजूद दफ्तर जाने वालों को बड़ी राहत मिली है।
बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (pic credit; social media)
बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (pic credit; social media)
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Maharashtra News: मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण पिछले चार दिनों से ठप पड़ी बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) की बस सेवाएं मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से फिर शुरू कर दी गईं। इस फैसले से दक्षिण मुंबई में कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पिछले कुछ दिनों से दफ्तर पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

बेस्ट के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि आंदोलन की वजह से बंद की गई बस सेवाएं अब आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं। मंगलवार सुबह से सीएसएमटी डिपो से रूट नंबर 138 और 115 पर बसें चलने लगी हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी भी कई रूट पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं और आंशिक रूप से बाधित हैं।

पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए डीएन रोड, महापालिका मार्ग और हजारीमल सोमानी मार्ग को बंद रखा है। इसी कारण बसों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया है। अब ये बसें महात्मा फुले मार्केट, एलटी मार्ग और मेट्रो जंक्शन होते हुए हुतात्मा चौक की ओर मोड़ी जा रही हैं।

फिलहाल, आजाद मैदान में जारी आंदोलन की वजह से 24 से अधिक बस मार्ग प्रभावित हुए हैं। इनमें कई को परिवर्तित किया गया है, कुछ को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है और कुछ मार्गों पर बसों की संख्या कम कर दी गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि यातायात पुलिस ने मंगलवार सुबह से जेजे फ्लाईओवर और हुतात्मा चौक के बीच डीएन रोड की दोनों लेन को सामान्य यातायात के लिए खोल दिया है। इसके बावजूद सीएसएमटी के बाहर प्रदर्शनकारियों और उनके वाहनों ने चौक के एक हिस्से को अब भी घेर रखा है, जिससे बस सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन में हजारों की संख्या में लोग मुंबई पहुंचे हैं। आंदोलनकारियों के जमावड़े और विरोध प्रदर्शन की वजह से सीएसएमटी और दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों में यातायात व सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर सीधा असर देखा जा रहा है।