IAS Tukaram Mundhe Transfer: FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का फिर हुआ तबादला, परभणी के पालक सचिव पद से हटाए गए
Tukaram Mundhe Transfer: IAS तुकाराम मुंढे को परभणी के पालक सचिव पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार को परभणी का नया गार्जियन सेक्रेटरी बनाया गया है।
- Written By: रूपम सिंह
कमिश्नर तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Tukaram Mundhe News: खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर का पद संभालने के बाद से ही शानदार काम कर रहे तुकाराम मुंढे के बारे में एक अहम खबर सामने आई है। उन्हें परभणी जिले के पालक सचिव (Guardian secretary) पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार को परभणी का गार्जियन सेक्रेटरी बनाया गया है। तुकाराम मुंडे को यह जिम्मेदारी 23 फरवरी, 2026 को तब सौंपी गई थी, जब वे दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।
तुकाराम मुंढे को परभणी जिले का गार्जियन सेक्रेटरी तब बनाया गया था जब वे मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में सचिव के पद पर थे। चूंकि अब वे सचिव के पद पर नहीं हैं, इसलिए गार्जियन सेक्रेटरी की जिम्मेदारी किसी और अधिकारी को सौंप दी गई है। अब डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार यह जिम्मेदारी संभालेंगे; वे अभी राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग में सचिव हैं।
गार्जियन सेक्रेटरी क्या होता है?
सरकार किसी खास जिले के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को गार्जियन सेक्रेटरी नियुक्त करती है। इसे एक अहम पद माना जाता है। गार्जियन सेक्रेटरी जिले में सरकार के नीतिगत फैसलों और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है।
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गार्जियन सेक्रेटरी को विकास कार्यों की समीक्षा के लिए साल में चार बार यानी कम से कम हर तीन महीने में एक बार अपने जिले का दौरा करना होता है। वे जिले के विकास के लिए खास उपाय सुझाने और इस बारे में रिपोर्ट सौंपने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।
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तुकाराम मुंडे के ताबड़तोड़ एक्शन
FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद, एक डायनामिक IAS अधिकारी के तौर पर पहचाने जाने वाले तुकाराम मुंडे ने कई कड़े कदम उठाए हैं। राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करके उन्होंने कई जगहों पर मिलावट का पर्दाफाश किया है और इसमें शामिल कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। नतीजतन, राज्य भर में मिलावट में शामिल व्यापारियों और बिचौलियों में अब डर का माहौल है।
आम जनता तुकाराम मुंढे के इन कदमों की तारीफ कर रही है। लोगों को उम्मीद है कि इन सख्त कार्रवाइयों के कारण व्यापारियों के दबाव में आकर उनका तबादला खाद्य और औषधि प्रशासन से नहीं किया जाएगा।
