

Nagpur Police Commissioner Vishwas Nangare Patil: नागपुर गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर आला अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया। एंटी करप्शन ब्यूरो के एडीजी विश्वास नांगरे पाटिल को नागपुर सिटी की कमान सौंपी गई है। वहीं सीपी रवींद्रकुमार सिंगल को उनकी जगह पर एसीबी भेजा गया है।
वहीं अधिकारिक तौर पर एडीजी अर्चना त्यागी और संजय वर्मा की पदोन्नति भी रुकी हुई थी। पुलिस गृह निर्माण व कल्याण विभाग की एडीजी अर्चना त्यागी को न्यायिक व तकनीकी विभाग का डीजी नियुक्त किया गया है।
उनकी जगह पर संजय वर्मा को नियुक्ति दी गई है। आईजी और डीसीपी स्तर के अधिकारियों का भी तबादला किया गया। सिटी में विशेष शाखा के शशिकांत सातव को छत्रपती संभाजीनगर भेजा गया है। उनकी जगह पर अमरावती के डीसीपी रमेश धुमाल को नागपुर भेजा गया है।
नांगरे पाटिल वर्ष 1997 बैच के आईपीएस अफसर हैं। लॉ की डिग्री के साथ ही उन्होंने महज 25 वर्ष की आयु में यूपीएससी परीक्षा में स्थान बना लिया था। वे अपनी बहादुरी, फिटनेस और 26/11 मुंबई हमलों के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ उनके साहसिक अभियानों के लिए जाने जाते हैं।
मूलतः सांगली के निवासी नांगरे पाटिल राज्य भर में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं, इसके पहले पुणे ग्रामीण के अधीक्षक, मुंबई पुलिस के उपायुक्त, ठाणे ग्रामीण के अधीक्षक, नासिक पुलिस आयुक्त और मुंबई में कानून एवं व्यवस्था विभाग के संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में सराहनीय कार्य किया है। मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले के समय वे डीसीपी जोन-1 के पद पर कार्यरत थे। इस घटना में उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया।
वर्ष 2015 में उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी असाधारण भूमिका के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (शौर्य) से सम्मानित किया गया था। चूंकि नागपुर मुख्यमंत्री का शहर है, इसलिए विश्वास नांगरे पाटिल से खास उम्मीदें हैं।
उन्हें वीआईपी सुरक्षा, बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और संवेदनशील कानून-व्यवस्था की स्थितियों को संभालने का पूरा अनुभव है। वे अपनी फिटनेस और युवाओं के बीच मार्गदर्शन के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने 'मन में है विश्वास' और 'कर हर मैदान फतह' जैसी प्रेरक पुस्तकें भी लिखी हैं।