

Real Estate Sector In Mumbai: भारत के शीर्ष सात शहरों में वर्ष 2025 के दौरान आवास विक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी एनारोंक की रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में कुल घरों की विक्री साल-दर-साल 14 प्रतिशत घटकर 3.95 लाख युनिट रह गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 4.59 लाख यूनिट था।
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) देश का सबसे बड़ा आवास बाजार बना रहा, लेकिन यहीं सबसे अधिक दबाव भी देखा गया। 2025 में एमएमआर में करीब 1.28 लाख घर बिके, जो पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत कम है।
बढ़ती संपत्ति कीमत, आर्थिक अनिश्चितता और सतर्क खरीदार रुझान इसकी प्रमुख वजह रहे। इसके बावजूद, एमएमआर और पुणे मिलकर शीर्ष सात शहरों की कुल भावास विक्री का लगभग आधा हिस्सा बनाए रखा। यह पश्चिमी भारत के बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि घरों की बिक्री कम होने के बावजूद कुल लेनदेन मूल्य 6 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख करोड़ रूपये से अधिक हो गया, मुंबई में यह बुद्धि मुख्य रूप से प्रीमियम और लग्जरी नेगमेंट की मांग से आई, जबकि मिड-नेगमेंट के खरीदार सतर्क बने रहे।
रिपोर्ट के अनुसार बिक्री में गिरावट के पीछे आईटी सेक्टर में छंटनी, भू-राजनीतिक तनाव और व्यापक आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारण रहे, पुणे में बिक्री 20 प्रतिशत घटकर लगभग 65 हजार यूनिट रही, जबकि हैदराबाद में 23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर में अपेक्षाकृत कम असर पड़ा, वहीं चेन्नई एकमात्र शहर रहा जहां बिक्री में वृद्धि हुई।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार 2026 में बाजार की रिकवरी काफी हद तक आरबीआई की ब्याज दर कटौती और डेवलपर्स की मूल्य नीति पर निर्भर करेगी।