महंगे घर और IT सेक्टर में छंटनी! 7 बड़े शहरों में 14% घटी घरों की बिक्री, क्या अब कम होंगे दाम?

Real Estate: पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ने वाले दिल्ली-NCR मार्केट में घरों की बिक्री 8% कम होकर 57,220 यूनिट्स पर आ गई। आवासीय बिक्री में सबसे ज्यादा 23% की गिरावट हैदराबाद में दर्ज की गई।
Buy House is Costlier in India
घर खरीदना हुआ महंगा, ( सोर्स-सोशल मीडिया)
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Anarock Report on Real Estate: देश के सात प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 14% जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट घरों की कीमतों में उछाल और आईटी सेक्टर में छंटनियां होने से की वजह से आई है। एनारॉक ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। हालांकि रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्री घटने के बावजूद घरों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से इस साल कुल बिक्री मूल्य 6 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया।

रिपोर्ट की अनुसार, इस साल मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई के रेजिडेंसियल मा्र्केट में कुल 3,95,625 घरों की बिक्री हुई, जबकि 2024 में 4,59,645 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। कंसल्टेंट कंपनी ने बताया कि घरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, आईटी सेक्टर में छंटनी का दौर शुरू होने, दुनिया भर में तनाव और अन्य आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण रेजिडेंसियल डिमांड पर इस साल दबाव बना रहा।

छह शहरों कम हुई घरों की बिक्री

वर्ष 2025 के दौरान छह प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। अकेला चेन्नई ही ऐसा आवासीय बाजार रहा जहां घरों की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली। शहरवार आंकड़ों के मुताबिक, एमएमआर में आवासीय बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 1,27,875 यूनिट्स पर आ गई। पुणे में बिक्री 20 प्रतिशत गिरकर 65,135 यूनिट्स रही, जबकि बेंगलुरु में यह पांच प्रतिशत घटकर 62,205 यूनिट्स पर पहुंच गई।

दिल्ली-NCR में भी गिरावट

पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ने वाले दिल्ली-एनसीआर मार्केट में घरों की बिक्री 8 प्रतिशत कम होकर 57,220 यूनिट्स पर आ गई। आवासीय बिक्री में सबसे ज्यादा 23 प्रतिशत की गिरावट हैदराबाद में दर्ज की गई और यह 44,885 इकाइयों पर सिमट गई। कोलकाता में भी बिक्री 12 प्रतिशत घटकर 16,125 यूनिट्स रही। दूसरी ओर, चेन्नई में बिक्री 15 प्रतिशत बढ़कर 22,180 इकाइयों पर पहुंच गई। एनारॉक ने कहा कि 2025 के दौरान 7 प्रमुख शहरों में औसत आवासीय कीमतें आठ प्रतिशत बढ़कर 9,260 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो पिछले साल के अंत में 8,590 रुपये प्रति वर्ग फुट थीं।

2026 में रियल एस्टेट का हाल?

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि वर्ष 2025 भू-राजनीतिक उथल-पुथल, आईटी क्षेत्र में छंटनी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से भरा रहा। लेकिन दिलचस्प रूप से औसत आवासीय कीमतों की वृद्धि दर पिछले वर्षों के दहाई अंक से घटकर इकाई अंक में आ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में आवासीय क्षेत्र का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कितनी कटौती करता है और डेवलपरों के स्तर पर कीमतें नियंत्रित रखने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।

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