अमरावती में 'महारेशम अभियान तस्वीर ( सोर्स: नवभारत)
Amravati Agriculture Department News: अमरावती जिले में इस वर्ष 800 एकड़ क्षेत्र में रेशम खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। महारेशम अभियान 2026 का भव्य शुभारंभ जिलाधिकारी आशीष येरेकर के हाथों हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने रेशम रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की तथा रेशम उद्योग से संबंधित जानकारी ली।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीता महापात्र, सहसंचालक गणेश घोरपडे, जिला कृषि अधीक्षक राहुल सातपुते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। वर्ष 2026-27 के दौरान जिले में कुल 800 एकड़ क्षेत्र में रेशम खेती विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कृषि विभाग द्वारा 300 एकड़, रेशम विभाग द्वारा 250 एकड़, जिला परिषद द्वारा 250 एकड़ क्षेत्र में रेशम की खेती की जाएगी।
रेशम खेती हेतु इच्छुक किसानों को जून 2026 में शहतूत की रोपाई करनी होगी। इसके लिए किसानों को 4 फरवरी से 5 मार्च के बीच ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य है। पंजीयन की प्रति जिला रेशम कार्यालय में जमा करनी होगी। प्रति एकड़ 500 रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित किया गया है। योजना के लिए किसान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का जॉब कार्डधारक होना चाहिए, खेत में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है, एक गांव से कम से कम 5 लाभार्थी होना जरूरी है।
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मनरेगा योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को तीन वर्षों के लिए मजदूरी एवं सामग्री खर्च के रूप में कुल 4 लाख 32 हजार 240 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा सिल्क समग्र 2 योजना के तहत जो किसान अल्पभूधारक नहीं हैं, उन्हें वर्गानुसार अनुदान मिलेगा। अधिक जानकारी व पंजीयन के लिए किसान अमरावती, तिवसा, अचलपुर, अंजनगांव सुर्जी के लिए डी. एच. नागोलकर, मोशी, वरूड, चांदूर बाजार, चामणगांव रेलवे के लिए एस। बी। भोयर तथा नांदगांव खंडेश्वर, चांदूर रेलवे, भातकुली, चिखलदरा, धारणी के लिए एस. एम. देठे से संपर्क कर सकते हैं।