नाना पटोले ने सपकाल के दावे को किया खारिज, बोले- शिवाजी महाराज से किसी की तुलना नहीं
Nana Patole: टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना को लेकर कांग्रेस में मतभेद सामने आए, जहां नाना पटोले ने हर्षवर्धन सपकाल के बयान को खारिज कर दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Shivaji Maharaj comparison row (सोर्सः सोशल मीडिया)
Tipu Sultan Issue Maharashtra: महाराष्ट्र में कांग्रेस की साख लगातार गिरती नजर आ रही है। कांग्रेसी नेताओं के बीच मतभेद और समन्वय की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है। पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद के दो उदाहरण सामने आए हैं। पहला मामला कैबिनेट मंत्री नरहरी झिरवल के मंत्रालय में कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा था, जबकि दूसरा मामला टीपू सुल्तान की छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना को लेकर है।
इस मुद्दे पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय में रिश्वतखोरी की घटना के बाद नाना पटोले ने मंत्री झिरवल का बचाव किया था, जबकि सपकाल ने झिरवल पर सीधे हमला बोलते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
झिरवल के बाद टीपू सुल्तान पर भिड़े कांग्रेसी
इसके बाद सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करते हुए कहा था कि दोनों एक समान थे। सपकाल के इस बयान पर भाजपा, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोग भड़क गए हैं। हालांकि भाजपा के विरोध के बावजूद सपकाल अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने रविवार को कहा कि क्या भाजपा के लोग पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और वीर सावरकर के खिलाफ भी ऐसी ही आक्रामकता दिखाएंगे।
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दंगा भड़काने का प्रयास कर रही है भाजपा
सपकाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा उनके बयान को तोड़-मरोड़कर राज्य में दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और अन्य ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा यह राजनीतिक नाटक कर रही है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आराध्य बताते हुए कहा कि भाजपा से उन्हें शिवाजी महाराज के बारे में सीखने की आवश्यकता नहीं है।
सपकाल को सावंत का मिला साथ
इस प्रकरण में अकेले पड़ रहे सपकाल को कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत का समर्थन मिला है। सावंत ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि भाजपा के किन नेताओं ने और कब-कब टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी। सावंत ने दावा किया कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के बैनरों और पोस्टरों पर टीपू सुल्तान की तस्वीरें दिखाई दी थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने राज्य में अमरावती, चंद्रपुर सहित 21 स्थानों पर एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया है।
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सावंत ने पांच उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2012 में अकोला में भाजपा नेता विजय अग्रवाल ने टीपू सुल्तान के नाम पर सभागृह का नामकरण किया था। 2013 में मुंबई में भाजपा नगरसेविका रितू तावडे ने टीपू सुल्तान मार्ग का प्रस्ताव रखा था। 2001 में अंधेरी में भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी की उपस्थिति में नामकरण हुआ था। इसके अलावा बी. एस. येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान की कब्र पर श्रद्धांजलि दी थी और 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा में टीपू सुल्तान के लिए गौरवोद्गार व्यक्त किए थे।
नाना पटोले ने किया किनारा
नाना पटोले ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपकाल ने क्या कहा, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना किसी भी अन्य राजा से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में महान माने जाते हैं।
