अकोला: किसान सारथी पोर्टल से किसानों तक पहुंचेगी सीधी कृषि सलाह, सुब्रतो रॉय का बयान

Akola PDKV News: अकोला में 15 KVK की कार्यशाला संपन्न। डॉ. रॉय ने 'किसान सारथी' पोर्टल और डॉ. गडाख ने 118 मॉडल गांवों के जरिए कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने और उन्हें आर्थिक सशक्त बनाने पर जोर दिया
KVK workshop at PDKV Akola focused on 'Kisan Sarathi' portal & 118 model villages. Experts urged scientists to use tech & govt funds to make Vidarbha's farming sustainable & profitable.
अकोला में 15 KVK की कार्यशाला संपन्न डॉ. रॉय तस्वीर (सोर्स: नवभारत)
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Agricultural Technology News: सुसंगत कृषि तकनीक के प्रसार के लिए किसान सारथी पोर्टल का व्यापक उपयोग आवश्यक है। यह विचार विदर्भ के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन 8 पुणे के निदेशक डा. सुब्रतो कुमार रॉय ने प्रकट किए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से कृषि संबंधी सलाह सीधे किसानों तक पहुंचे, यही समय की आवश्यकता है।

देश में कृषि व्यवसाय को शाश्वत बनाने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से देशभर में कृषि विज्ञान केंद्रों का कार्य जारी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। डा. रॉय ने विदर्भ के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के उल्लेखनीय कार्य की सराहना की और केंद्र सरकार की योजनाओं व निधि का किसानों के हित में सही उपयोग करने पर बल दिया।

वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला

डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला के विस्तार शिक्षा संचालनालय के अंतर्गत विदर्भके 11 जिलों के कुल 15 कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण 12 और 13 फरवरी को विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित कृषि महाविद्यालय के समिति सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन डा. रॉय ने पुणे से आभासी माध्यम द्वारा किया। कार्यशाला की अध्यक्षता डा. पीडीकेवी के उप कुलपति डा. शरद गडाख ने की।

मंच पर विस्तार शिक्षा निदेशक डा.धनराज उंदीरवाडे उपस्थित थे, जबकि आभासी माध्यम से आईसीएआर अटारी के निदेशक डा. सुब्रतो रॉय जुड़े। इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी डा. सुरेंद्र कालबांडे, सहयोगी अधिष्ठाता डा. शैलेश हरणे, विभाग प्रमुख डा. नितिन कोष्टी, डा. निशांत शेंडे, डा. अनीता चोरे, डा. जयंत देशमुख, मुख्य विस्तार शिक्षा अधिकारी डा. उमेश चिंचमलातपुरे सहित सभी केंद्रों के प्रमुख और विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मॉडल विलेज संकल्पना

उप कुलपति डा. शरद गडाख ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि अकोला कृषि विश्वविद्यालय की मॉडल विलेज संकल्पना वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न शासकीय, सहकारी और आर्थिक विभागों के एकीकृत प्रयासों से यह संकल्पना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि यह संकल्पना राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि किसी भी कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण से करें, ताकि उसके परिणाम बेहतर हो। पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चयनित मॉडल गांवों में कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार से किसानों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालय द्वारा पोकरा-2 योजना अंतर्गत विदर्भ के प्रत्येक तहसील से एक गांव का चयन कर कुल 118 गांवों को मॉडल विलेज के रूप में चुना गया है।

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