मुंबई में भारी बारिश से जलाशयों का जलस्तर 7.31% तक पहुंचा, ओवरफ्लो हुई पवई झील; शुक्रवार को बीएमसी की बैठक
Mumbai Water Supply: मुंबई में भारी बारिश से सातों जलाशयों का जलस्तर बढ़कर 7.31 प्रतिशत हो गया है और पवई झील ओवरफ्लो हो गई है। जल कटौती की समीक्षा के लिए बीएमसी ने शुक्रवार को बैठक बुलाई है।
- Written By: रूपम सिंह
जलाशय (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mumbai Water Supply BMC Meeting: लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश ने मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था को बड़ी राहत दी है। महानगर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। बुधवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, इन जलाशयों में कुल 1,03,871 मिलियन लीटर पानी संग्रहित हो चुका है, जो उनकी कुल क्षमता का 7.31 प्रतिशत है। मंगलवार तक यही भंडार 97,666 मिलियन लीटर (6.75 प्रतिशत) था। जल भंडार में आई इस बढ़ोतरी से बीएमसी प्रशासन को भी कुछ राहत मिली है और भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
इसी बीच, केवल औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित पवई झील भी लगातार बारिश के कारण पूरी तरह भर गई है है और उससे पानी बाहर निकलने लगा है। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि झील के भरने से उद्योगों पर लागू जल कटौती में जल्द राहत मिल सकती है।
इस संबंध में शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय में जल विभाग की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के लिए पानी की आपूर्ति सामान्य करने या कटौती कम करने पर फैसला लिया जा सकता है। साथ ही शहर में पेयजल आपूर्ति की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा होगी।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में शेयर मार्केट के नाम पर बड़ा फ्रॉड! ऑर्डनेंस फैक्ट्री के रिटायर्ड कर्मचारी से 20.51 लाख रूपए की ठगी
विहान अभी खेलने जाएगा… बेटे का बैट सीने से लगाए बैठी मां, चेंबूर बस हादसे की ये तस्वीर देख आंखें हो जाएगी नम
GST संग्रह में महाराष्ट्र देश का अग्रणी राज्य; कर चोरी रोकने के लिए AI प्रणाली लागू करने वाला बना पहला राज्य
जमीन बेचने के चक्कर में बिहार में बंधक बने नागपुर के कॉन्ट्रैक्टर; बंदूक की नोक पर कराए साइन, और फिर क्या हुआ?
जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षा से काफी रहा कम
मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले प्रमुख जलाशयों में अप्पर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मिडिल वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी शामिल हैं। इस वर्ष मानसून की धीमी शुरुआत और अल नीनो के प्रभाव के कारण इन जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षा से काफी कम रहा।
30 जून की सुबह तक कुल जल भंडार घटकर 97,666 मिलियन लीटर रह गया था। उस समय अप्पर वैतरणा और तानसा में उपयोग योग्य पानी समाप्त हो चुका था, जबकि मोडक सागर, मिडिल वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी में सीमित मात्रा में ही पानी बचा था। इस स्थिति ने बीएमसी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी।
टल सकता है जल संकट
मंगलवार से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश के बाद जलाशयों में तेजी से पानी की आवक शुरू हुई और कुल जल भंडार एक लाख मिलियन लीटर के आंकड़े को पार कर गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश इसी तरह जारी रहती है तो सभी प्रमुख जलाशयों का जल स्तर और तेजी से बढ़ेगा, जिससे आगामी महीनों के लिए जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
मुंबई बीएमसी के अनुसार, पवई झील में लगभग 545 करोड़ लीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता है और इसका उपयोग केवल औद्योगिक इकाइयों को पानी उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। फिलहाल उद्योगों को दी जाने वाली जलापूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती लागू है। लेकिन झील के भर जाने के बाद अब इस कटौती में राहत मिलने की संभावना प्रबल हो गई है। शुक्रवार को होने वाली समीक्षा बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मुंबई में प्रतिदिन 4,600 मिलियन लीटर की जरूरत
- मुंबई की प्रतिदिन की जल आवश्यकता लगभग 4,600 मिलियन लीटर है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में बीएमसी करीब 4,200 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति कर पाती है।
- जलाशयों में लगातार घटते जल भंडार को देखते हुए 15 मई से शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू की गई थी।
- इसके अलावा, जल भंडार 8 प्रतिशत से नीचे आने पर बीएमसी ने राज्य सरकार से प्रतिदिन 1,660 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी लेकर आपूर्ति बनाए रखी।
- अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जलाशयों में उपलब्ध पानी 8 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा, राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी लेने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
