जमीन बेचने के चक्कर में बिहार में बंधक बने नागपुर के कॉन्ट्रैक्टर; बंदूक की नोक पर कराए साइन, और फिर क्या हुआ?
Nagpur Land Deal Fraud: जमीन खरीद के बहाने बिहार बुलाकर नागपुर के एक कॉन्ट्रैक्टर व उनके साथियों को बंधक बनाया। बंदूक की नोक पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, फिर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
- Written By: अंकिता पटेल
जमीन खरीद विवाद, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Nagpur Land Deal Fraud Accused Arrested: जमीन खरीदने के बहाने नागपुर के एक कॉन्ट्रैक्टर को बिहार के नवादा जिले में बुलाया गया। वहां एक अपराधी और उसकी गैंग ने कॉन्ट्रैक्टर और उनके साथियों को एक होटल में बंधक बनाया। बंदूक की नोक पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए। बड़ी मुश्किल से तीनों वहां से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए लेकिन अपराधी ने 51 लाख रुपये लेकर भागने का आरोप लगाकर उन्हें ही फंसा दिया।
स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने पूरी घटना का खुलासा किया और अपराधी को गिरफ्तार किया गया। पकड़ा गया अपराधी रजौली निवासी पंकज कृष्णदेव सिंह बताया गया। आनंदनगर, सक्करदरा निवासी सुनील काले सिविल कॉन्ट्रैक्टर हैं। बेटी को उच्च शिक्षा के लिए जापान भेजने के लिए उन्हें 90 लाख की जरूरत थी जिसके लिए पुश्तैनी जमीन बेचने का निर्णय लिया।
आरोपी पर कई गंभीर मामले दर्ज रजौली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया पंकज सिंह चर्चित अपराधी है। उसके खिलाफ अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं। उसने वर्ष 2014 में नवादा में ही जदयू नेता रेणु सिन्हा के पुत्र बिपिन का अपहरण कर फिरौती के लिए 50 लाख रुपए की मांग की थी और बाद में हत्या कर दी गई थी। बिहार के ही कोडरमा जिले के तिलैया थाना में उसके खिलाफ दूसरा केस दर्ज है। उसने वाराणसी के रमेश सिंह नामक व्यक्ति का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी।
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गोली मारने की थी प्लानिंग
पंकज ने उनके साथ मारपीट भी की, मौका मिलते ही तीनों देर रात होटल से भागम निकले। इसमें पंकज के गनमैन ने भी उनकी मदद की। दूसरे दिन तीनों के भागन की खबर मिलने पर पंकज बौखला गया।
उसने रजौली थाने में रिपोर्ट दर्ज करा कि तीनों 51 लाख रुपये लेकर फरार हुए हैं, फोन के लोकेशन के आधार पन पुलिस ने तीनों को ओडिशा बॉर्डर से पकड़ा। तब सुनील ने पूरी घटना की जानकारी दी।
होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। काले द्वारा रकम लेकन भागने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद काले की शिकायत पर पंकज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया, पंकज के गनमैन ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने तीनों को मारने तक की प्लानिंग कर रखी थी।
9 एकड़ जमीन का 5 करोड़ में सौदा
मूलतः नवादा के निवासी संतोष पांडेय अपने परिवार के साथ नागपुर में रहते हैं। उनके जरिए पंकज ने काले की 9 एकड़ जमीन खरीदने का झांसा दिया। जून के पहले सप्ताह में वह नागपुर आया। खुद को होल्ड मेकिंग कारखाने और कोयला खदान का मालिक बताया।
5 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ। उसने 1 करोड़ रुपये ऑनलाइन और 4 करोड़ रुपये कैश रजौली में देने की बात कही, इतनी बड़ी रकम लेकर नागपुर आने में खत्तरा होने की बात कहने पर पंकज ने गनमैन के साथ नागपुर पहुंचाने का वादा किया।
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21 जून को सुनील कांग्रेस नेता तानाजी वनवे के बेटे विजय वनवे और संतोष पांडेय के साथ कार क्र. एमएच 49-बीआर 5495 से रजौली पहुंचे। उन्हें होटल रॉयल ऑर्बिट में ठहराया गया, पंकज अपने गनमैन के साथ होटल में पहुंचा, कमरे में उन्हें बंधक बनाया गया, बंदूक की नोक पर 51 लाख रुपये के 3 चेक पर हस्ताक्षर लिए, इसके अलावा दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर करवाए गए।
