केवल कांग्रेस की विचारधारा ही भारत को धार्मिक एवं जातिगत विभाजन से बचा सकती है: सपकाल
Harshvardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने मुंबई में कहा कि केवल कांग्रेस की विचारधारा ही भारत को धार्मिक और जातिगत विभाजन से बचा सकती है।
- Written By: आंचल लोखंडे
कांग्रेस की विचारधारा ही भारत को धार्मिक एवं जातिगत विभाजन से बचा सकती है: सपकाल
Congress Foundation Day: महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि देश को संविधान में निहित कांग्रेस की विचारधारा की आवश्यकता है, क्योंकि समाज को जाति, धर्म, भाषा और संप्रदाय के आधार पर विभाजित किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां तिलक भवन में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए सपकाल ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सामाजिक सद्भाव को कमजोर करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “देश आज गंभीर संकट का सामना कर रहा है। देश को बचाने वाली एकमात्र विचारधारा कांग्रेस की विचारधारा है।”सपकाल ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन सामाजिक और व्यवस्थागत बदलाव के लिए संघर्ष आज भी जारी है।
कांग्रेस की विचारधारा संविधान में निहित: सपकाल
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मानना है कि राजनीतिक और धार्मिक सत्ता कुछ लोगों के हाथों में रहनी चाहिए, जबकि कांग्रेस का विश्वास है कि देश सभी का है और सत्ता व संपत्ति पर सभी नागरिकों का समान अधिकार है। सपकाल ने कहा, “कांग्रेस की विचारधारा संविधान में निहित है। यह आध्यात्मिक है और विश्व कल्याण पर केंद्रित है। भाजपा की विचारधारा लैंगिक समानता को कायम नहीं रखती और भेदभाव को बढ़ावा देती है। कांग्रेस ऐसी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।”
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हम लड़ेंगे और जीतेंगे: सपकाल
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की बलिदान और संघर्ष की परंपरा पर गर्व करने का आग्रह किया। सपकाल ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी की धन शक्ति, प्रशासनिक समर्थन और दबाव की रणनीति के बावजूद कांग्रेस ने हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में उत्साहजनक परिणाम हासिल किए हैं।उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ता झुके नहीं। इस भावना को बनाए रखें। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।”
मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाया: सपकाल
इस अवसर पर सपकाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की रक्षा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि रोजगार के अधिकार की ठोस अभिव्यक्ति है।
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संकल्प में कहा गया, “हम किसी भी कीमत पर मनरेगा की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ग्रामीण श्रमिकों के लिए सम्मान, रोजगार, न्याय और समय पर मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक संघर्ष करेंगे। हम मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने या श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का सभी लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध करेंगे।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
