वीडियो दिखाओ, फर्क नहीं पड़ता, गणेश नाईक की म्हस्के को खुली चुनौती, बोले– 35 सालों में कई आए और गए
Thane News: ठाणे में मनपा चुनाव से पहले भाजपा के गणेश नाईक और शिवसेना के नरेश म्हस्के आमने-सामने हैं। नाईक ने म्हस्के को चुनौती देते हुए कहा कि 35 सालों में कई आए और गए। उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
- Written By: सोनाली चावरे
गणेश नाईक (pic credit; social media)
Ganesh Naik challenge to Naresh Mhaske: ठाणे की राजनीति इन दिनों सियासी तूफान में घिरी है। मनपा चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच खुला टकराव सामने आ गया है। ताजा विवाद तब भड़का जब सांसद नरेश म्हस्के ने वन मंत्री गणेश नाईक पर अकार्यक्षमता का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि वे नाईक का “फेल्योर वीडियो” पूरे महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में दिखाएंगे।
इसके जवाब में गणेश नाईक ने भी दो टूक कह दिया– “वीडियो दिखाते हैं तो दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। पिछले 35 सालों में ऐसे कितने आए और गए, मुझे किसी का नाम भी याद नहीं है।”
ठाणे के गडकरी रंगायतन में सोमवार को जनता दरबार के दौरान नाईक ने मंच से बिना किसी झिझक के म्हस्के पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे किसी को खुश करने नहीं आए, बल्कि गरीबों के आंसू पोंछने आए हैं। “मेरे हाथ साफ हैं, मेरा दिमाग भी साफ है। अगर मैं भ्रष्ट हूं तो मेरे खिलाफ सबूत लाएं। मैं किसी जांच से नहीं डरता।” नाईक ने तंज कसते हुए कहा कि “जजों के घर में भी पैसा मिलता है, तो हम किससे न्याय मांगे?”
सम्बंधित ख़बरें
पुणे रेलवे स्टेशन अपराधियों का अड्डा बन गया है? सांसद मेधा कुलकर्णी के औचक निरीक्षण में खुली पोल, मचा हड़कंप
साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक ‘सप्तश्रृंगी गढ़’ में बड़ी चोरी; मंदिर से 22 किलो चांदी गायब, प्रशासन में हड़कंप
300 अश्लील वीडियो: खरात से चार हाथ आगे निकला कोल्हापुर का साहूकार, ब्याज पर पैसे देकर किया महिलाओं का यौन शोषण
जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है, रोहिणी खडसे ने विधायक संजय गायकवाड को सुनाई खरी-खरी
उन्होंने शिवसेना नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते, वे नालायक हैं। “अगर मैं काम नहीं करूंगा, तो मैं भी नालायक कहलाऊंगा।” नाईक ने यह भी कहा कि प्रशासन में 10 प्रतिशत और राजनीति में कुछ प्रतिशत नालायक लोग हैं, जो सत्ता का दुरुपयोग करके गरीबों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
जनता दरबार में सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। नाईक ने अधिकारियों को मौके पर कई शिकायतों पर कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अधिकारी लोगों की सुनवाई नहीं करेंगे, तो उन्हें जनता दरबार बंद करने में देर नहीं लगेगी।
वहीं दूसरी ओर शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने भी नाईक पर बिना नाम लिए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग बूढ़े हो गए हैं, हर चीज उम्र के हिसाब से होती है। हमारे साहब कहते हैं कि आलोचना का जवाब काम से दो, जनता सब जानती है।”
शिंदे ने कहा कि आगामी नवी मुंबई मनपा चुनाव में जनता बताएगी कि ताकत किसके पास है। यह बयानबाजी अब महायुति के भीतर खींचतान को खुलकर उजागर कर रही है। चुनावी जंग से पहले ये ‘वीडियो वार’ सियासत में नया रंग भर रहा है।
