निजी जेट छोड़ एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे; संजय राउत ने ली चुटकी
Eknath Shinde Air India Flight Sanjay Raut Reaction: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे निजी जेट छोड़ एयर इंडिया की फ्लाइट से गए दिल्ली। संजय राउत ने कसा तंज, कहा- दिखावा है।
- Written By: अनिल सिंह
संजय राउत और एकनाथ शिंदे (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut On Eknath Shinde Air India Flight: महाराष्ट्र के सत्ता गलियारों में राजनेताओं के दौरों और उनके आलीशान चार्टर विमानों पर विपक्ष हमेशा हमलावर रहता है। लेकिन बुधवार को जब राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए, तो वे किसी निजी जेट में नहीं बल्कि एयर इंडिया की एक आम यात्री उड़ान (कमर्शियल फ्लाइट) की इकोनॉमी क्लास में बैठे नजर आए। शिंदे समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए इसे उपमुख्यमंत्री की जमीन से जुड़े रहने की सादगी और देश के वीआईपी (VIP) कल्चर को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
हालांकि, विपक्षी खेमे को शिंदे की यह ‘सादगी’ रास नहीं आई। हमेशा अपने बयानों से सियासी पारा चढ़ाने वाले शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए इस पर करारा पलटवार किया। राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “यह सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए किया गया नाटक है। मुमकिन है कि वह सामान्य फ्लाइट इन लोगों ने पूरी तरह से एडवांस में बुक कर ली हो। इन लोगों के पास इतना पैसा है कि ये सामान्य यात्री विमान को भी चार्टर फ्लाइट बना सकते हैं। अगर उस प्लेन की क्षमता 200 या 300 यात्रियों की है, तो शायद सारे टिकट इनके ही कार्यकर्ताओं ने खरीदे होंगे।”
पीएम मोदी की अपील और सरकारी खजाने की फिक्र
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री कार्यालय (DCMO) से जुड़े सूत्रों ने संजय राउत के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों से प्रशासनिक खर्चों में कटौती करने और हवाई ईंधन (ATF) की बचत करने की अपील की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने निजी विमान के भारी-भरकम खर्च को टालने का फैसला किया। शिंदे बुधवार शाम दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के आगामी चरणों और शहरी विकास योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।
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पहले भी हेलिकॉप्टर और सुरक्षा काफिले में की थी कटौती
यह पहली बार नहीं है जब एकनाथ शिंदे ने अपने दौरों के तामझाम को कम करने की कोशिश की है। इससे पहले मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई बार राज्य के भीतर हवाई दौरों के लिए सरकारी हेलिकॉप्टर के बजाय सड़क मार्ग को चुना था। इसके अलावा, मुंबई और ठाणे के दौरों के समय आम जनता को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन को अपने वीआईपी सुरक्षा काफिले की गाड़ियों की संख्या को आधा करने के सख्त निर्देश भी दिए थे।
चुनावी साल में ‘सादगी बनाम दिखावा’ पर बहस तेज
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों को देखते हुए जनता के बीच अपनी छवि को सुधारने की यह महायुति सरकार की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। यही वजह है कि विपक्ष ऐसे किसी भी कदम को ‘स्टंट’ बताकर उसकी हवा निकालने में जुट गया है। अब देखना यह होगा कि शिंदे की इस हवाई यात्रा का जनता के बीच क्या संदेश जाता है, लेकिन फिलहाल इस मुद्दे ने मुंबई से दिल्ली तक का सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है।
