मौत की बारिश: महाराष्ट्र में 1 जून से अब तक 62 लोगों की मौत; पूरे समुद्री तट के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी
Maharashtra Rain Devastation SDMA Report: महाराष्ट्र में मानसून आफत बनकर बरसा है। 1 जून से अब तक हादसों में 62 लोगों की मौत, तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी।
- Written By: अनिल सिंह
Maharashtra Rain: पांच हफ्तों में 200 मवेशियों और 62 इंसानों की मौत (फोटो क्रेडिट-X)
Maharashtra SDMA Flood Report: महाराष्ट्र में मानसून आफत बनकर बरस रहा है। पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक और पालघर के वसई-विरार समेत राज्य के कई हिस्सों में अचानक बाढ़, नदियों के उफान, पेड़ गिरने और इमारतों के ढहने जैसी विनाशकारी स्थितियां पैदा कर दी हैं। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) द्वारा बुधवार को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में अलग-अलग मानसून जनित हादसों में 62 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 200 मवेशियों की भी जान गई है। तटीय और पश्चिमी जिलों में बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश ठाणे में 196.9 मिमी और पालघर में 185.4 मिमी दर्ज की गई है।
पालघर-पुणे में सामान्य से 400% ज्यादा बारिश
इस साल मानसून की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के लगभग सभी जिले ‘लार्ज एक्सेस’ यानी सामान्य से बहुत अधिक बारिश की श्रेणी में आ चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पालघर जिले में सामान्य से 457.3 प्रतिशत अधिक और पुणे में 435.4 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
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इसके अलावा रायगढ़ में 134.1 मिमी और मुंबई उपनगर में 125.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे तटीय और निचले इलाकों के गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
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नासिक और ठाणे में भारी नुकसान।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच हफ्तों में हुई 62 मौतों का मुख्य कारण आकाशीय बिजली का गिरना और कमजोर ढांचों का ढहना रहा है। विभिन्न शहरों में दीवार और इमारतें गिरने की घटनाओं में 25 लोगों की जान गई है, जबकि 41 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये हादसे मुख्य रूप से नासिक, ठाणे और मुंबई उपनगर में सामने आए।
इसके अलावा, आसमान से बरसी बिजली ने भी भारी तबाही मचाई है, जिसकी चपेट में आने से 23 लोगों की मौत हुई और 17 लोग झुलस गए। राज्य में मरे 200 मवेशियों में से 181 की मौत भी आकाशीय बिजली गिरने के कारण ही हुई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और मलबा खिसकने से 6 लोगों की मौत हुई है।
महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए रेड अलर्ट जारी
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए मध्यरात्रि तक का ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने नागरिकों और पर्यटकों को तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
समुद्र तट के पास होने वाली सभी प्रकार की मनोरंजक और पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद करा दी गई हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों, छोटी नावों और व्यावसायिक जहाजों को भी गहरे समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगढ़ के जिलाधिकारियों को चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
