ढोंगी तांत्रिक खरात मामले में चाकणकर की मुश्किलें बढ़ीं, पूछताछ के लिए SIT ने किया तलब
Ashok Kharat Case: ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए शिवनिका संस्था के सभी सदस्यों से पूछताछ का फैसला किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Rupali Chakankar summons (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shivanika Trust Investigation: ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात प्रकरण में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने नाशिक जिले के सिन्नर स्थित खरात की ‘शिवनिका’ संस्था के सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों से पूछताछ करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा रुपाली चाकणकर को भी एसआईटी ने समन जारी किया है।
शिवानिका संस्था के सभी सदस्य जांच के घेरे में
महिला आयोग की अध्यक्षता के दौरान रुपाली चाकणकर शिवनिका संस्था की ट्रस्टी भी थीं, इसलिए उनसे पूछताछ की जाएगी। पहले महिला आयोग की अध्यक्षता और फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महिला प्रदेशाध्यक्ष का पद गंवाने के बाद यह समन उनके लिए तीसरा बड़ा झटका माना जा रहा है।
संस्था के सभी लेन-देन एसआईटी के रडार पर
शिवनिका संस्था का अध्यक्ष पद अशोक खरात के पास था। कुछ वर्ष पहले पुराने ट्रस्टियों के अलग होने के बाद खरात ने अपनी पत्नी और करीबियों को ट्रस्टी बनाया था। रुपाली चाकणकर भी इस ट्रस्ट की सदस्य थीं। चाकणकर ने स्वयं खुलासा किया था कि ट्रस्ट मंडल की अवधि अगस्त 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी। खरात की गिरफ्तारी के बाद संस्था का नामपट्ट भी गायब हो गया है। एसआईटी मुंबई या नाशिक में संस्था के पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी।
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सबूत जुटाना चुनौती
अशोक खरात के बैंक खातों में मात्र 30 से 40 लाख रुपए की राशि मिली है, जबकि वह वास्तव में 1,500 से 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति का मालिक बताया जाता है। वह श्रद्धालुओं से सीधे नकद लेता था और शिवनिका संस्था के खाते में पैसे जमा कराता था। उसने बड़े अधिकारियों और उनके परिवारों को जमीन-जायदाद में निवेश कराकर अपने नेटवर्क में शामिल किया, जिससे संपत्ति जब्त करना भी मुश्किल हो गया है।
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अवैध जगह पर बने भक्त निवास पर सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने शिवनिका संस्था के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने पर्यटन विकास के नाम पर संस्था को फंड दिया, लेकिन भक्त निवास जाम नदी के किनारे अतिक्रमण की जमीन पर बनाया गया। उन्होंने मांग की है कि जिन मंत्रियों के कार्यकाल में फंड दिया गया, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
समन नहीं, सीधी गिरफ्तारी हो
राकां शरदचंद्र पवार पार्टी की महिला प्रदेशाध्यक्षा रोहिणी खडसे ने इस मामले को बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने कहा कि खरात कांड एक पूरे रैकेट का हिस्सा है और इसका पर्दाफाश करने के लिए समन की जगह सीधी गिरफ्तारी की जानी चाहिए, ताकि आरोपियों को सबूत नष्ट करने का मौका न मिले।
