आखिरी 72 घंटे और 6 नक्सली...रेड लाइन की डेडलाइन नजदीक, क्या 31 मार्च से पहले नक्सलमुक्त बनेगा महाराष्ट्र?

Gadchiroli Naxal Free: गड़चिरोली में नक्सलवाद का अंत करीब! 31 मार्च की डेडलाइन और सिर्फ 6 माओवादी शेष। 794 आत्मसमर्पण के साथ जिले में शांति का काउंटडाउन शुरू।
Gadchiroli on the verge of becoming Naxal-free. Only 6 Maoists left as the March 31 deadline approaches. 794 surrenders recorded so far.
नक्सलमुक्त होगा महाराष्ट्र (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Red Line Deadline: एक समय गड़चिरोली जिले के 10 उपविभागों में दहशत का साम्राज्य कायम करने वाला नक्सली आंदोलन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेड लाइन की डेड लाइन का समय आ चुका है। नक्सलमुक्ति का जिले में काऊंटडाऊन शुरू हो चुका है। बावजूद इसके जनता में भय का माहौल अभी भी बना हुआ है।

नक्सलमुक्ति का काऊंटडाउन, जनता में भय कायम जिले के एटापल्ली, अहेरी, सिरोंचा, धानोरा, भामरागड़, कोरची, कुरखेड़ा उपविभागों में सक्रिय आंदोलन अब केवल भामरागड़ उपविभाग के सीमावर्ती जंगल क्षेत्र तक सिमटकर रह गया है। पिछले दो दशकों में गड़‌चिरोली पुलिस द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान, स्थानीय लोगों का बढ़ता समर्थन, विकास कार्य, पुनर्वास योजनाएं और आत्मसमर्पण नीति के कारण नक्सली संगठनों की कमर टूट चुकी है।

एक समय गांव-गांव में वसूली, दहशत, जन अदालत, हत्याएं, पुलिस पर हमले और सरकारी कामों में बाधाएं उत्पन्न करने वाले नक्सलियों को अब जंगलों में भी ठिकाना नहीं मिल रहा है। वर्ष 2005 में सरकार ने नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत कई कट्टर और वरिष्ठ माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में प्रवेश किया।

कुल आत्मसमर्पण - 794 2022-2026 में आत्मसमर्पण - 123 मुठभेड़ों में मारे गए - 99 गिरफ्तार - 140 वर्तमान में शेष माओवादी - 6

संसाधन और हथियारों पर पड़ा बड़ा असर

दूसरी ओर, पुलिस ने माओवादी विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। 2021 से 2026 के बीच विभिन्न मुठभेड़ों में 99 माओवादी मारे गए हैं, जबकि 140 को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों से नक्सली संगठनों के नेतृत्व, भर्ती, आर्थिक संसाधन और हथियारों पर बड़ा असर पड़ा है।

गड़‌चिरोली पुलिस ने आत्मसमर्पित नक्सलियों का पुनर्वास कर उन्हें आर्थिक सहायता, आवास, रोजगार, व्यवसाय और खेती के लिए मदद देकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया। सरकार और पुलिस की इन सफल नीतियों के चलते अब तक 794 नक्सलियों ने गड़चिरोली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

खास बात यह है कि 2022 से 2026 के बीच 11 कट्टर नक्सलियों सहित 123 लोगों ने हथियार डाले हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को विभिन्न उद्योगों, निर्माण कार्य, सुरक्षा सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे अपने परिवार के साथ सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

3 दिन में खत्म हो जाएगी आत्मसमर्पण की समय सीमा

  • केंद्र सरकार द्वारा तय 31 मार्च की अंतिम तिथि अब मात्र तीन दिन दूर है।
  • वर्तमान में जिले में केवल 6 माओवादी बचे हैं और उनके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
  • ऐसी स्थिति में गड़चिरोली जल्द ही नक्सलमुक्त जिला बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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