लॉन्च से पहले विवादों में घिरी ‘देवा भाऊ टैक्सी योजना’; मुंबई बैंक के पैसे के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
Deva Bhau Taxi Scheme Mumbai Bank Row: मुंबई में 'देवा भाऊ टैक्सी योजना' के वित्तीय मॉडल और राजनीतिक ब्रांडिंग पर अंजलि दमानिया और कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल।
- Written By: अनिल सिंह
देवेंद्र फडणवीस (डिजाइन फोटो)
Deva Bhau Taxi Scheme: महाराष्ट्र में निजी कैब एग्रीगेटर्स (ओला, उबर और रैपिडो) के एकाधिकार को तोड़ने और मराठी युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से घोषित की गई “देवा भाऊ” और “छावा” सहकारी टैक्सी योजना शुरू होने से पहले ही बड़े राजनीतिक विवादों में घिर गई है। मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (मुंबई बैंक) के अध्यक्ष और भाजपा एमएलसी प्रवीण दरेकर द्वारा की गई इस महत्वाकांक्षी घोषणा पर विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीखा हमला बोला है।
इस योजना में जनता और जमाकर्ताओं के पैसे का इस्तेमाल कर सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की राजनीतिक ब्रांडिंग करने और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।
ओला-उबर के विकल्प के रूप में ‘आपली टैक्सी, आपली मालकी’ का नारा
योजना की रूपरेखा साझा करते हुए भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने बताया कि केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह की ‘भारत टैक्सी’ पहल की तर्ज पर मुंबई और एमएमआरडीए (MMRDA) क्षेत्र में इस सहकारी सेवा को शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हरी झंडी और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक द्वारा तैयार नीतिगत ढांचे के तहत पहले चरण में 2,000 से 5,000 वाहनों को सड़क पर उतारने का लक्ष्य है। “आपली टैक्सी, आपली मालकी” के नारे के साथ प्रमोट की जा रही इस योजना का उद्देश्य चालकों को अत्यधिक कमीशन से बचाकर सीधे मुनाफा पहुंचाना है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर ड्राइवरों का पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है।
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अंजलि दमानिया का तीखा हमला
इस पूरी योजना के वित्तीय मॉडल को लेकर जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर सीधे सरकार और प्रवीण दरेकर को कटघरे में खड़ा किया है। दमानिया ने सवाल उठाया कि आम नागरिकों, किसानों और छोटे उद्यमियों को जिस बैंक से ऋण लेने में पसीने छूट जाते हैं, वहां एक राजनीतिक नाम से ब्रांडेड योजना के लिए खजाना कैसे खोल दिया गया? उन्होंने पूछा, “क्या मुंबई बैंक को ‘भाजपा का निजी बैंक’ मान लिया गया है? जमाकर्ताओं के धन का उपयोग राजनीतिक हित साधने के लिए करना सरासर गलत है। इस नाम को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए और देवेंद्र फडणवीस को इसे खुद वापस लेना चाहिए।”
कांग्रेस ने की ऑडिट रिपोर्टों की जांच और पूर्ण पारदर्शिता की मांग
इस विवाद में कूदते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव धनंजय शिंदे ने अंजलि दमानिया के आरोपों का पुरजोर समर्थन किया है। शिंदे ने आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग की पिछली परीक्षण लेखापरीक्षा (ऑडिट) रिपोर्टों में पहले ही मुंबई बैंक के भीतर प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं पर गंभीर टिप्पणियां की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में ‘देवा भाऊ टैक्सी’ के लिए भारी-भरकम कर्ज बांटने की पात्रता, ब्याज दर सब्सिडी और लाभार्थियों के चयन तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता की आवश्यकता है। कांग्रेस ने मांग की है कि सहकारी क्षेत्र जनविश्वास पर टिका होता है, इसलिए बैंक को तुरंत इस योजना की संपूर्ण वित्तीय रूपरेखा को सार्वजनिक कर निष्पक्ष जांच का सामना करना चाहिए।
