

Bhimashankar Temple Reopens: बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल श्री भीमाशंकर मंदिर के कपाट सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर खुलते ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला और पहले ही दिन ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले एक हजार श्रद्धालुओं ने भगवान भीमाशंकर के दर्शन किए।
हालांकि ऑनलाइन पंजीकरण और पास अनिवार्य होने के कारण लगभग 700 से 800 श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ा। सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारी और मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों के कारण 9 जनवरी 2026 से मंदिर दर्शन के लिए बंद था। मुख्य प्रवेश द्वार, सभा मंडप, सीढ़ी मार्ग तथा अन्य सुविधाओं के निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के बाद मंदिर को सीमित स्वरूप में श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है।
सोमवार सुबह पांच बजे मंदिर के द्वार खोले गए। आरती के बाद सुबह 5 बजे से 11 बजे तक दर्शन की व्यवस्था की गई। पुलिस प्रशासन ने निर्धारित वाहन पार्किंग स्थलों से ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की जांच कर मंदिर परिसर में प्रवेश दिया। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पार्किंग से लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, जिससे विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
जिला प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन केवल एक हजार श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद ही दर्शन पास उपलब्ध कराया जा रहा है। पंजीकृत श्रद्धालुओं की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जा रही है।
पुणे जिला प्रशासन ने बताया कि वर्ष 2027 में नासिक में होने वाले कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भीमाशंकर आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मुख्य सभा मंडप का निर्माण पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगता, लेकिन मंदिर ट्रस्ट, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह कार्य 5 माह में पूरा किया गया है।
दर्शन के लिए सभी पर एक ही नियम लागू है। वीआईपी, 66 जनप्रतिनिधि, अधिकारी या सामान्य प्रदात में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।
- सुरेश कौदरे, अध्यक्ष, मंदिर ट्रस्ट
मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बिना पंजीकरण वाले लोग सहयोग करें और अनावश्यक भीड़ से बचें। सागर पवार, सहायक पुलिस निरीक्षक