

Anjali Damania on Ashok Kharat: नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। शनिवार को राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर जब पूछताछ के लिए पुणे से नासिक के लिए रवाना हुईं, तो उनके सफर के नाटकीय घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि चाकणकर ने रास्ते में कई बार अपनी गाड़ियां बदलीं, जो उनकी घबराहट या कुछ छिपाने की कोशिश को दर्शाता है।
दमानिया ने एसआईटी प्रमुख तेजस्वी सतपुते से मांग की है कि रूपाली चाकणकर से पूछताछ के दौरान उनके वकीलों को कमरे से बाहर रखा जाए। उनका तर्क है कि वकीलों की मौजूदगी में सच्चाई सामने आना मुश्किल है। दमानिया पिछले दो महीनों से इस मामले की निजी तौर पर जांच कर रही हैं और उन्होंने अब तक 9 महिलाओं की शिकायतों को एसआईटी तक पहुँचाया है।
अंजलि दमानिया ने इस मामले को केवल चाकणकर तक सीमित न रखते हुए वरिष्ठ एनसीपी नेता सुनील तटकरे का नाम भी घसीटा है। उन्होंने कहा कि "जगदंबा पट्संस्था" के वित्तीय लेन-देन की जांच हो रही है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण देने वाले बड़े नामों को अब तक बचाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DG) को पत्र लिखकर पूछा है कि आखिर अन्य बड़े नेताओं से पूछताछ में देरी क्यों हो रही है?
दमानिया ने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उन्हें शुक्रवार रात कुछ नए दस्तावेज और जानकारी मिली है जो खरात और नेताओं के बीच के करोड़ों के वित्तीय लेन-देन को साबित कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ये सबूत सीधे प्रवर्तन निदेशालय (ED) को देने जा रही हैं क्योंकि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हो सकता है। उनके अनुसार, अशोक खरात के 'दरबार' में हाजिरी लगाने वाले हर नेता को अब लिखित स्पष्टीकरण देना होगा।
इधर नासिक के आपराधिक जांच प्रशिक्षण महाविद्यालय में रूपाली चाकणकर से पूछताछ की तैयारी पूरी हो चुकी है। एसआईटी प्रमुख तेजस्वी सतपुते स्वयं उनसे सवाल-जवाब करेंगी। चाकणकर पर आरोप है कि उनके और उनके करीबियों के खरात के साथ घनिष्ठ संबंध थे, जिसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के लिए किया गया। दमानिया के इन दावों के बाद, एसआईटी पर अब निष्पक्ष जांच का भारी दबाव है।