मुलुंड के लोगों ने की एम्स अस्पताल बनाने की मांग, कहा - डंपिंग ग्राउंड की खाली जगह का करें सही उपयोग

मुलुंड के निवासियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि मुलुंड पूर्व में हरिओम नगर के बगल वर्षो से बंद पड़े ऑक्ट्राई नाके की 18 एकड़ और डाम्पिंग ग्राउंड कि 42 एकड़ की खाली जगह पर मुंबईकरों के लिए एम्स अस्पताल, एसटी बस स्टैंड, सांस्कृतिक नाट्य गृह, आदि चीजों को बनाने की मांग की है।
मुलुंड में भुमिपुत्रों के लिये एसटी स्टैंड और सांस्कृतिक भवन की मांग, ऑक्ट्राई नाका, डंपिंग ग्राउंड की खाली पड़ी जगह पर बने एम्स अस्पताल
मुलुंड (सौजन्य-नवभारत)
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मुलुंड: मुलुंड में पूर्व पीएपी का मुद्दा गर्माया हुआ है। अब पूर्व में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बगल में बंद पड़े ऑक्ट्राई नाके और डंपिंग ग्राउंड की खाली पड़ी जगह पर अस्पताल, राज्य परिवहन का बस टर्मिनल, सांस्कृतिक भवन, नाट्यगृह, राज्य पुलिस बल का कैम्प बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

जिसके लिए हरिओम नगर एपेक्स बॉडी फेडरेशन (HONAFE) नामक संस्था ने हजारों लोगों के सिग्नेचर लिए। मुलुंड के हजारों लोगों के सिग्नेचर के साथ राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन दिया है।

इन चीजों को लेकर उठी मांग

मुलुंड के निवासियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि मुलुंड पूर्व में हरिओम नगर के बगल वर्षो से बंद पड़े ऑक्ट्राई नाके की 18 एकड़ और डाम्पिंग ग्राउंड कि 42 एकड़ की खाली जगह पर मुंबईकरों और भूमि पुत्रों के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल, राज्य परिवहन बस टर्मिनस, सांस्कृतिक नाट्य गृह, रैपिड एक्शन फोर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के लिए कैम्प आधारित निवास बनाया जाना चाहिए। जिसके लिये हरिओम नगर एपेक्स बॉडी फेडरेशन (HONAFE) संस्था द्वारा सिग्नेचर कैम्पेन चलाया गया अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों ने सिग्नेचर कर के अपनी सहमति जताई है। संस्था द्वारा लगातार इस अभियान को ऑनलाइन भी चलाया जा रहा है।

जनसंख्या के हिसाब से होगी समस्या

हालांकि, 2017 में भी मुलुंड की हिलसाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (HRWA) के भरत सोनी ने भी इसी तरह की मांग कर मनपा को पत्र लिखा था, जिसे तत्कालीन सांसद मनोज कोटक ने भी उठाया था। मुलुंड के लोगों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा मुंबई के विभिन्न जगहों के प्रोजेक्ट प्रभावित (पीएपी) क्षेत्र के निवासियों एवं निवासियों को मुलुंड में विस्थापित किए जाने की योजना है।

आने वाले दिनों में मुलुंड में जनसंख्या के हिसाब से काफी भीड़ हो जाएगी लोगों को यातायात, मेडिकल सुविधा के लिए काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय में मुलुंड में इतनी पर्याप्त जगह है यहां पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल, राज्य परिवहन बस टर्मिनस और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

हरिओम नगर एपेक्स बॉडी फेडरेशन (HONAFE)के अध्यक्ष साहेबराव सुरवड़े ने कहा, मुंबई शहर घनी आबादी वाला शहर के रूप में जाना जाता है। यहां पर जितनी सुविधाएं लोगों को मिले उतनी ही अच्छी बात है, मुलुंड पूर्व हरिओम नगर के बगल ऑक्ट्राई नाका और डंपिंग ग्राउंड की तकरीबन 60 एकड़ जगह बची हुई है। जिस पर हमने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि यहां पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल, राज्य परिवहन बस टर्मिनस,रैपिड एक्सन फोर्स के लिये कैम्प और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाना चाहिए।

बस स्टैंड का करें निर्माण

हरिओम नगर एपेक्स बॉडी फेडरेशन के सदस्य मधुसूदन गुट्टी ने कहा, राज्य परिवहन की बसों से यात्रा करने के लिए थाने, कुर्ला नेहरू नगर जाया जाता है। यहां पर बस स्टैंड बना दिया जाता है तो मुंबई और थाने वालों को काफी सहूलियत मिलेगी। इलाज के लिए मुंबई या थाने वालों को, परेल केईएम, सायन, राजावाड़ी जैसे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। यहां पर इतनी पर्याप्त जगह है कि एक बहुत बड़ा अस्पताल या एम्स भी बनाया जा सकता है सरकार को इसके ऊपर विचार किया जाना चाहिए।

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