दावोस दौरा 100% सफल, उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत का बड़ा दावा, 37 लाख करोड़ के समझौते
Uday Samant: दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान महाराष्ट्र के लिए 37 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए, जिससे 40 से 42 लाख रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Uday Samant (सोर्सः सोशल मीडिया)
MMRDA Projects: महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने शुक्रवार को दावोस दौरे को शत-प्रतिशत सफल बताते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान राज्य के लिए अब तक कुल 37 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं। इन समझौतों के माध्यम से महाराष्ट्र में 40 से 42 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सामंत ने बताया कि दावोस दौरे के दौरान कुल 51 समझौते किए गए। इनमें से 16.69 लाख करोड़ रुपये के समझौते उद्योग विभाग से संबंधित हैं। एमएमआरडीए के अंतर्गत 24 समझौते हुए हैं, जिनकी कुल अनुमानित राशि 29.43 लाख करोड़ रुपये है, जबकि सिडको के तहत छह समझौते किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये है।
40-42 लाख रोजगार की संभावना
उन्होंने क्षेत्रवार निवेश का विवरण देते हुए कहा कि एमएमआर क्षेत्र में लगभग 23 लाख करोड़ रुपये, मल्टीपल लोकेशंस में 7.72 लाख करोड़ रुपये, कोंकण में 3.10 लाख करोड़ रुपये, नागपुर में 1.95 लाख करोड़ रुपये, नाशिक में 30,100 करोड़ रुपये, छत्रपति संभाजीनगर में 17,700 करोड़ रुपये, पुणे में 3,250 करोड़ रुपये और अमरावती में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
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80% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश महाराष्ट्र में
डॉ. सामंत ने स्पष्ट किया कि कुल निवेश में से औसतन 80 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) महाराष्ट्र में आएगा। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश के मामले में महाराष्ट्र देश में अग्रणी राज्य है। केंद्र सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले वर्ष महाराष्ट्र में 1.64 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दर्ज किया गया।
विभिन्न उद्योगों में निवेश
उद्योग मंत्री ने बताया कि दावोस दौरे के दौरान ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, डिफेंस, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर समझौते हुए हैं। इसके अलावा, तीसरी मुंबई के रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर के लिए एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रयास भी जारी हैं।
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पिछले वर्ष के समझौतों का क्रियान्वयन
डॉ. सामंत ने कहा कि पिछले वर्ष दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान 15 लाख करोड़ रुपये के समझौतों का बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। गडचिरोली, छत्रपति संभाजीनगर, रत्नागिरी और रायगढ़ जैसे जिलों में वास्तविक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।
बीडीपी प्रोजेक्ट और अन्य स्पष्टीकरण
उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीडीपी प्रोजेक्ट महाराष्ट्र से बाहर नहीं गया है, बल्कि इसे रायगढ़ में ही स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की स्थापना में कम से कम चार से पांच वर्ष का समय लगता है, जिसे ध्यान में रखना जरूरी है। दावोस दौरे पर हुए खर्च को लेकर उन्होंने जल्द ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अपील की कि उद्योग विभाग की आलोचना से नकारात्मक संदेश उद्योगपतियों तक पहुंचता है, इसलिए राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखना आवश्यक है।
