वाराणसी में जब्त सोना (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gold Smuggling In Rajdhani Express: धर्म की नगरी काशी इन दिनों तस्करों के रडार पर है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने दो यात्रियों के पास से 2.215 किलोग्राम सोना बरामद किया है। बरामद किए गए सोने की बाजार में कीमत लगभग 3.55 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। सोने की तस्करी में अब महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है।
महानिरीक्षक (आईजी) रेलवे एन. कोलांची ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12423) में करोड़ों का सोना ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंची। जैसे ही ट्रेन रुकी, कोच बी-8 के दरवाजे पर खड़े दो युवक पुलिस को देखकर सकपका गए। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस उन्हें ट्रेन से उतारकर थाने ले आई।
जांच में जो खुलासा हुआ उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के सतारा निवासी बालासो जाधव और पुणे निवासी तेजस बालासाहेब पवार के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि यह सोना अफ्रीका से तस्करी कर बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया गया था।
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तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। उन्होंने सोने के 19 बिस्कुटों को अपनी पैंट की कमर वाली सिलाई के अंदर विशेष जेबें बनाकर छिपा रखा था। बालासो के पास से 10 और तेजस के पास से 9 बिस्कुट बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि उन्हें यह खेप पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में सौंपी गई थी। वहां से वे बस द्वारा बिहार के कटिहार पहुंचे और फिर राजधानी एक्सप्रेस में सवार हुए। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग, DRI और आईबी के अधिकारियों ने भी आरोपियों से लंबी पूछताछ की है। पुलिस अब उस मुख्य हैंडलर की तलाश कर रही है जिसने यह सोना दिल्ली में डिलीवर करने के लिए दिया था।