Dollar vs Rupee: रिकॉर्ड ऑल टाइम लो से आपकी जेब पर कितना होगा असर?
Indian Rupees: 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। अब महज 21 दिनों के भीतर यह 91 के स्तर को पार करके 92 रुपए के करीब पहुंच गया।
- Written By: मनोज आर्या
डॉलर बनाम रुपया, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Dollar vs Rupee: रुपया आज यानी 21 जनवरी को 91 रुपए 73 पैसे के ऑल टाइम लो पर आ गया है। आज रुपया 76 पैसे कमजोर होकर बंद हुआ। इससे पहले कल रुपया 90.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपया में यह गिरावट देखी जा रही है।
साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। अब महज 21 दिनों के भीतर यह 91 के स्तर को पार करके 92 रुपए के करीब पहुंच गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और ग्लोबल टेंशन के चलते दुनिया भर के निवेशक गोल्ड और डॉलर में निवेश बढ़ा रहे हैं।
रुपया की गिरावट के तीन बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की बाजार से निकासी: विदेशी निवेशक (FPI) भारतीय शेयर बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी 2026 के पहले 20 दिनों में ही उन्होंने ₹29,315 करोड़ की बिकवाली की है। जब ये निवेशक अपना पैसा वापस ले जाते हैं, तो वे रुपए के बदले डॉलर की मांग करते हैं। डॉलर की मांग बढ़ने से उसकी कीमत बढ़ जाती है और रुपया गिर जाता है।
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2. ट्रम्प की टैरिफ नीतियां और वैश्विक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यूरोपीय देशों पर नया टैक्स (टैरिफ) लगाने की धमकी और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद की वजह से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे डर के समय में निवेशक अपना पैसा भारत जैसे विकासशील देशों से निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर या सोने में लगाने लगते हैं, जिससे डॉलर और भी मजबूत हो रहा है।
3. मजबूत अमेरिकी इकोनॉमी और ऊंची ब्याज दरें: अमेरिका में बेरोजगारी की दर कम हुई है और वहां की अर्थव्यवस्था मजबूत दिख रही है। इस वजह से दुनिया भर के निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिका में ब्याज दरें अभी ऊंची बनी रहेंगी। ज्यादा मुनाफे के लालच में निवेशक अपना पैसा अमेरिकी बैंकों और बॉन्ड्स में डाल रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में डॉलर की मजबूती बढ़ गई है।
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रुपया 92 तक गिर सकता है
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित पाबारी का कहना है कि अगर रुपया 91.07 के स्तर को पार कर जाता है, तो यह जल्द 92.00 तक पहुंच सकता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है ताकि रुपया अचानक बहुत ज्यादा न गिर जाए। फिलहाल रुपए के लिए 90.30 से 90.50 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।
