
कांग्रेस का माहापौर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Congress Mayor: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में हुए चुनाव में कांग्रेस बेमन से लड़ी, लेकिन कुछ शहरों में उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है। जानकारों का कहना है कि बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस के लिए यह संजीवनी का काम करेगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि उनकी पार्टी का राज्य के 5 शहरों में महापौर होगा और पूरे राज्य में करीब 350 पार्षद होंगे।
महाराष्ट्र की कम से कम 10 मनपा की सत्ता व्यवस्था में कांग्रेस की हिस्सेदारी होगी। पार्टी लातूर, चंद्रपुर, भिवंडी (ठाणे जिला), परभणी और कोल्हापुर में अपना महापौर नियुक्त करने की स्थिति में है। पूर्व सीएम विलासराव देशमुख के गढ़ लातूर में उनके बेटे अमित देशमुख पार्टी का वर्चस्व बनाए रखने में कामयाब रहे हैं।
70 सीटों वाली लातूर मनपा के फाइनल नतीजों में कांग्रेस ने 43, बीजेपी ने 22, वंचित बहुजन आघाड़ी ने 4 और राकां अजीत गुट ने एक सीट पर जीत हासिल की है जबकि राकां शरद पवार गुट, उद्धव गुट और शिंदे की शिवसेना का यहां खाता भी नहीं खुला। लातूर में कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। नागपुर में भी पार्टी ने पिछली बार से 5 सीटें ज्यादा जीतीं।
भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस व शरद पवार की राकां ने बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए सरकार बनाने के लिए बड़ी दावेदारी पेश की है। यहां टोटल 90 सीटें हैं। कांग्रेस ने 30 सीटें जीतकर अपना दबदबा बनाए रखा है जबकि बीजेपी को 22 और शिंदे सेना को 12 सीटें मिली हैं। शरद पवार गुट को यहां 12 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं के संकल्प के बल पर कांग्रेस पार्टी राज्य में सबसे बड़े विपक्षी दल की भूमिका में दिखाई दे रही है। 5 शहरों में कांग्रेस के महापौर बन सकते हैं, पूरे राज्य में पार्टी के 350 से ज्यादा नगरसेवक चुन कर आए है और 10 स्थानों पर
हम सत्ता में सहभागी होंगे।
– हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
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चंद्रपुर मनपा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। बीजेपी की मौजूदा मेयर राखी कचलवार को कांग्रेस उम्मीदवार ने हरा दिया। कहा जा रहा है कि बीजेपी के कद्दावर नेता सुधीर मुनगंटीवार और जोरगेवार के बीच अंदरूनी झगड़े की वजह से पार्टी को बड़ा झटका लगा। यहां कांग्रेस 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। बीजेपी ने 23 और उद्धव गुट ने 6 सीटें जीती।
कोल्हापुर महानगरपालिका में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है। कांग्रेस ने 35 जीतीं वहीं बीजेपी को 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा। शिवसेना (शिंदे) ने 15 सीटों पर जीत हासिल की। अजीत पवार की पार्टी को 7 सीटों पर विजय मिली।
लातूर में प्रचार के दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम विलासराव देशमुख को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने कथित रूप से देशमुख की यादों को मिटा देने की बात कही थी। जानकरों का कहना है कि इसका खामियाजा बीजेपी को यहां भुगतना पड़ा है। चव्हाण के बयान के बाद सीएम को डैमेज कंट्रोल करना पड़ा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।






