
राहुल गांधी के बोस्टन दौरे पर सीएम फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: एक बार फिर राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के बाद हंगामा देश में हंगामा शुरू हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक बार फिर लोकसभा में विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी ने अपने बोस्टन दौरे के दौरान भारत के लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। उनके इस व्यवहार का देश भर में आलोचना हो रही है। इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राहुल गांधी की आलोचना की है।
अमेरिका के बोस्टन में लोकसभा के नेता राहुल गांधी के बयान पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह बहुत दुखद है कि राहुल गांधी विदेश जाकर इस देश के संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं के बारे में झूठ फैलाते हैं और इसे बदनाम करने की कोशिश करते हैं। वह लोकतंत्र पर सवाल उठाने की कोशिश करते हैं।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि बार-बार चुनाव हारने के बाद जो परिणाम उन्हें भुगतने पड़े हैं, उसके कारण वह ऐसी हरकतें कर रहे हैं। राहुल गांधी जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, उससे उनके चरित्र पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसी हरकतें करने के बजाय अगर वह लोगों के बीच जाएं और लोगों का विश्वास वापस पाएं, तो वह चुनाव जीत सकेंगे। वह किसी को बदनाम करके चुनाव नहीं जीत सकते।”
#WATCH | Mumbai: On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi’s statement in Boston, US, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says “It is very sad that Rahul Gandhi goes abroad and spreads lies about the institutions created by the constitution of this country and tries to defame it. He tries to… https://t.co/jC1Fc2lsdN pic.twitter.com/496sa8R4zC — ANI (@ANI) April 21, 2025
आपको बताते चले कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “हमारे लिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि चुनाव आयोग ने समझौता कर लिया है और यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सिस्टम में कुछ गड़बड़ है। मैंने यह कई बार कहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में वयस्कों की संख्या से ज़्यादा लोगों ने मतदान किया।”
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चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा था, “चुनाव आयोग ने हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े दिए और शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे के बीच 65 लाख मतदाताओं ने मतदान किया। ऐसा होना शारीरिक रूप से असंभव है। एक मतदाता को मतदान करने में लगभग 3 मिनट लगते हैं और अगर आप गणित करें तो इसका मतलब है कि सुबह 2 बजे तक मतदाताओं की लाइनें लगी रहीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब हमने उनसे वीडियोग्राफी के लिए कहा तो उन्होंने न केवल मना कर दिया बल्कि उन्होंने कानून भी बदल दिया ताकि अब हम वीडियोग्राफी के लिए न कह सकें।”






