नागपुर में कांग्रेस का भाजपा को अल्टीमेटम, ओबीसी जनगणना पर भाजपा नेता 15 दिन में रुख स्पष्ट करें

Nagpur OBC Caste Census: नागपुर में कांग्रेस ने ओबीसी की अलग जातिवार जनगणना की मांग दोहराते हुए भाजपा नेताओं से 15 दिन में अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी है।
Congress issues ultimatum to BJP in Nagpur; BJP leaders must clarify their stance on the OBC census within 15 days.
नागपुर, ओबीसी जनगणना,(साेर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur OBC Caste Census Challenges Bjp: नागपुर जिले में जनगणना में ओबीसी की अलग से गणना कराई जाए, इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। ओबीसी समाज के समर्थन से सत्ता और पद प्राप्त करने वाले नेताओं को यह साबित करना चाहिए कि उन्हें वास्तव में जनता की चिंता है या वे ओबीसी विरोधी भाजपा के प्रति अधिक निष्ठावान हैं।

यह चुनौती कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने प्रेस-परिषद में दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया जा रहा है। इसके बाद उन्हें रिमाइंडर भेजा जाएगा।

OBC जातीय जनगणना पर BJP से जवाब मांगा: कांग्रेस

गुडधे ने कहा कि चुनाव के समय बीजेपी नेता स्वयं को ओबीसी समाज का हितैषी बताते हैं। केंद्र हो या राज्य, सरकारें ओबीसी समाज के वोटों के आधार पर बनती हैं लेकिन जब ओबीसी समाज के अधिकारों की बात आती है तो यही नेता चुप्पी साध लेते हैं और केवल अपने पदों से चिपके रहते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि घर-घर की गणना के साथ ही ओबीसी की अलग गणना की गई होती तो समाज की वास्तविक जनसंख्या और उसकी ताकत सामने आ जाती। आने वाली जनगणना में ओबीसी की अलग जातिवार गणना होगी या नहीं, इसे लेकर हमें गंभीर संदेह है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में ओबीसी जनगणना का मुद्दा उठाया था। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाति-वार जनगणना का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में अपने वादों से पीछे हट गए। इस अवसर पर अतुल लोंढे, संदेश सिंगलकर, बंडोपंत टेंभुर्णे, विजय सरटकर, अशोक यावले उपस्थित थे।

बावनकुले नंबर-2 के मंत्री

गुडधे ने कहा कि राजस्व मंत्री चदशेखर बावनकुले राज्य में मुख्यमंत्री के बाद दूसरे नंबर के मंत्री माने जाते हैं और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी उनका नाम लिया जाता है। यदि कोई ओबीसी मुख्यमंत्री बनता है तो उन्हें शुभकामनाएं, उन्होंने बताया कि बावनकुले सहित विदर्भ के सभी मंत्रियों, भाजपा के वर्तमान एवं पूर्व सांसदों, विधायकों तथा नागपुर मनपा के नगरसेवकों को इस संबंध में पत्र भेजे जा रहे हैं।

सकल ओबीसी समाज के संयोजक उमेश केराम ने मांग की कि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा उपलब्ध न होने के कारण ओबीसी समाज को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उदाना पड़ रहा है।

हमें केंद्र सरकार पर विश्वास नहीं है, इसलिए जनगणना प्रपत्र में तत्काल अलग कॉलम शामिल किया जाए और ओबीसी समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण, बजटीय प्रावधान और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

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