अविवाहित महिलाओं के गर्भपात अधिकार पर Bombay HC सख्त, सुप्रीम कोर्ट फैसले का व्यापक प्रचार करने के निर्देश

Bombay High Court ने महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया है, जिसमें अविवाहित महिलाओं को 24 सप्ताह तक सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार दिया गया है।
BOMBAY HIGH COURT
बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Unmarried Women Abortion Law India Update: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार करे, जिसमें अविवाहित महिलाओं को 24 सप्ताह तक सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार दिया गया है।

अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पूरे देश में बाध्यकारी है और इसकी जानकारी हर स्तर पर पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।

अस्पतालों की हिचकिचाहट पर कोर्ट की नाराजगी

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य आया कि कई अस्पताल और संबंधित अधिकारी अब भी 20 से 24 सप्ताह के बीच गर्भपात के मामलों में अविवाहित महिलाओं को अनुमति देने में हिचकिचाहट दिखा रहे हैं। अदालत ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कानून स्पष्ट होने के बावजूद महिलाओं को अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

जागरूकता की कमी से बढ़ रही कानूनी चुनौतियां

हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में पर्याप्त जागरूकता न होने के कारण महिलाओं को बार-बार अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। इससे न केवल न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए सरकार को व्यापक स्तर पर सूचना अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

महिलाओं के अधिकार और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित गर्भपात महिलाओं का कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी अधिकार है। अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। न्यायालय ने उम्मीद जताई कि जागरूकता अभियान के बाद महिलाओं को समय पर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा अनावश्यक कानूनी अड़चनें कम होंगी।

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