भंडारा RTE प्रवेश: 86 स्कूल, 913 सीटें, 25% कोटा, सीटें बढ़ीं, दस्तावेज जांच होगी सख्त

Bhandara RTE Admission: भंडारा में RTE के तहत 86 स्कूलों में 913 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी जल्द होगी। दस्तावेजों की सख्त जांच के साथ पोर्टल शीघ्र खुलेगा।
Bhandara RTE admissions: 86 schools, 913 seats, 25% quota, increased seats, strict document verification
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Bhandara School Registration: भंडारा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया के लिए भंडारा जिले में 86 स्कूलों का पंजीयन पूर्ण हो गया है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 913 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी जल्द ही निकाली जाएगी।

शिक्षा विभाग द्वारा समय पर नियोजन किए जाने से इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया तेजी से पूरी होने की संभावना है। पिछले शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में जिले के 87 स्कूलों ने पंजीकरण किया था और 827 सीटें उपलब्ध थीं। इस वर्ष स्कूलों की संख्या एक कम होकर 86 रह गई है, लेकिन उपलब्ध सीटों में 86 की वृद्धि हुई है। इस प्रक्रिया में राज्य बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध निजी, बिना अनुदानित एवं स्वयं वित्तपोषित स्कूलों का समावेश है।

9 से 31 जनवरी के बीच स्कूल पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस वर्ष अभिभावकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सख्त जांच की जाएगी। विशेष रूप से किरायानामा, आय प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र की गहन पड़ताल होगी। गलत जानकारी देकर प्रवेश लेने की कोशिशों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है।

जल्द ही विद्यार्थियों के पंजीयन के लिए पोर्टल खोला जाएगा और आवेदन भरने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, एक बार दर्ज की गई जन्मतिथि में संशोधन नहीं किया जा सकेगा। यदि एक ही बच्चे के लिए एक से अधिक आवेदन पाए गए तो सभी आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर में त्रुटि होने पर आवेदन निरस्त कर नया आवेदन भरना होगा।

शुल्क प्रतिपूर्ति का मुद्दा बरकरार

नई प्रवेश प्रक्रिया के साथ-साथ निजी स्कूलों की लंबित शुल्क प्रतिपूर्ति का मुद्दा भी बना हुआ है। बिना अनुदानित स्कूलों ने बकाया राशि को लेकर प्रशासन से कई बार मांग की है। इसके बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इस वर्ष प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू करने की तैयारी की है। अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त एवं अनधिकृत स्कूलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

कोविडकाल में अनाथ हुए व वंचित वर्ग को प्राथमिकता

1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच कोविड-19 के कारण माता-पिता को खो चुके बच्चों को 'वंचित समूह' श्रेणी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र और अस्पताल का कोबिड निदान प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।

अनाथ बच्चों के लिए आय प्रमाणपत्र की शर्त शिथिल की गई है। यदि आधार कार्ड उपलब्ध न हो तो 90 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने की शर्त पर अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा।

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