BMC Standing Committee Theft: मुंबई महानगरपालिका की स्थाई समिति बैठक के दौरान शिकसेना यूबीटी की नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया के पर्स से 20,000 रुपये चोरी। सुरक्षा और सीसीटीवी पर बवाल।
Laxmi Bhatia Purse Robbery (फोटो क्रेडिट-X)
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Laxmi Bhatia Purse Robbery BMC: मुंबई नगर निगम (BMC) के जिस स्थाई समिति भवन को निगम का ‘तिजोरी’ या ‘खजाना’ कहा जाता है, वहीं से चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
वार्ड नंबर 56 से शिवसेना (UBT) की पार्षद लक्ष्मी भाटिया के पर्स से 20,000 रुपये चोरी होने के बाद बीएमसी मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर विपक्ष ने कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के अनुसार, शिवसेना (UBT) पार्षद लक्ष्मी भाटिया स्थाई समिति की बैठक में शामिल होने के बाद अपना पर्स वहीं छोड़कर दोपहर के भोजन के लिए बाहर गई थीं। जब वे वापस लौटीं, तो उन्हें अपने पर्स की चेन खुली हुई मिली। जांच करने पर पता चला कि पर्स के भीतर रखे 20,000 रुपये गायब थे।
वार्ड नंबर 56 से शिवसेना (UBT) की पार्षद भाटिया ने गुस्से में प्रशासन से पूछा कि अगर नगर निगम के सबसे महत्वपूर्ण कक्ष में ही पार्षदों का सामान सुरक्षित नहीं है, तो आम मुंबईवासियों की सुरक्षा का क्या होगा?
CCTV का न होना बना बड़ी बाधा
इस घटना ने बीएमसी की एक बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थाई समिति भवन जैसे संवेदनशील स्थान पर सीसीटीवी कैमरे मौजूद नहीं हैं। लक्ष्मी भाटिया ने बताया कि सीसीटीवी न होने के कारण यह पता लगाना नामुमकिन हो रहा है कि चोरी के वक्त वहां कौन मौजूद था। उन्होंने इस संबंध में महापौर, विपक्षी दल के नेता और सुरक्षा विभाग को आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष का प्रशासनिक घेराव
इस घटना को लेकर मनसे (MNS) समूह के नेता यशवंत किल्लेदार ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे ‘प्रशासनिक शर्मिंदगी’ करार देते हुए कहा कि बजट और वित्त को मंजूरी देने वाले स्थान पर ऐसी घटनाएं होना बेहद निंदनीय है।
पार्षद का पर्स सुरक्षित नहीं है
विपक्षी दलों का कहना है कि जब एक महिला पार्षद का पर्स सुरक्षित नहीं है, तो यह मुंबई नगर निगम की छवि पर एक बड़ा धब्बा है। इस मामले के बाद बीएमसी मुख्यालय में सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने और सुरक्षा ऑडिट करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।