Mumbai: डॉक्टरों पर हमलों के बाद बीएमसी सख्त, अस्पतालों में साप्ताहिक सुरक्षा ऑडिट शुरू

BMC Hospital: कूपर और नायर अस्पताल में डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के बाद बीएमसी ने साप्ताहिक सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है। चार अस्पतालों में 40 डार्क स्पॉट्स अब भी असुरक्षित पाए गए।
Cooper Hospital
कूपर अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
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Cooper Hospital News: हाल ही में बीएमसी के कूपर और नायर अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों पर हुए हमलों के बाद, बीएमसी ने अपने प्रमुख अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने व मजबूत करने का निर्णय लिया है।

बीएमसी ने सायन, नायर, कूपर और केईएम अस्पतालों के डीन को निर्देश दिया है कि वे साप्ताहिक सुरक्षा ऑडिट करें, ताकि निगरानी में सुधार हो सके और जहां भी आवश्यक हो, तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

यह कदम तब उठाया गया है जब पिछले सप्ताह कूपर अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने तीन रेजिडेंट डॉक्टरों पर हमला किया था, जिसके बाद मेडिकल कर्मचारियों ने चार दिन तक हड़ताल की। तनाव पूरी तरह से कम भी नहीं हुआ था कि बीते सप्ताह नायर अस्पताल में भी मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर गुस्सा व्यक्त करते हुए हमला किया था।

ऐसी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति से चिंतित बीएमसी ने जवाबदेही बढ़ाने और सुरक्षा में सुधार के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है, जिससे सुरक्षा ठोस आंकड़ों के आधार पर की जा सके।

सिक्योरिटी में चूक और अपर्याप्त सुरक्षा का मुद्दा

एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी के अनुसार, साप्ताहिक ऑडिट से समीक्षा प्रणाली तैयार करने में मदद मिलेगी और समय पर सुधार सुनिश्चित होंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पतालों के डीन ऑडिट के दौरान पाई गई किसी भी कमी की रिपोर्ट स्वास्थ्य के उप आयुक्त को सौंपेंगे। केईएम, सायन, नायर और कूपर अस्पतालों तथा उनके मेडिकल कॉलेजों में करीब 3,500 रेजिडेंट डॉक्टर काम कर रहे हैं, जिन्हें 600 से अधिक सुरक्षा कर्मियों और प्रत्येक परिसर में लगाए गए 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों का सहारा मिलता है। इन व्यवस्थाओं के बावजूद डॉक्टर सुरक्षा को लेकर चिंतित बने हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में बार-बार होने वाली चूक और अपर्याप्त सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं।

4 परिसरों में 40 डार्क स्पॉट्स की पहचान

पिछले साल अगस्त 2024 में बीएमसी मार्ड (महाराष्ट्र असोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर) रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ने अपना सुरक्षा आकलन किया था और चारों परिसरों में 40 डार्क स्पॉट्स की पहचान की थी। हालांकि, ये संवेदनशील स्थान अब भी पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं हो पाए हैं।

संगठन के अनुसार, सायन अस्पताल में 10 नायर अस्पताल में 12, जबकि केईएम और कूपर मिलाकर 18 डार्क स्पॉट्स हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा को लगातार कमी रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए तनाव और चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है, जिसके चलते त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग फिर से तेज हो गई है।

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