

Mumbai News In Hindi: कबूतरखानों के बाद अब मुंबई में आवारा कुत्तों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कुत्तों पर अन्यायपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए रविवार को दादर के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन किया।
चेतावनी दी गई है कि जब तक आवारा कुत्तों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मुंबई युवा कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में जानवरों के लिए काम करने वाले विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल थे।
इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और बीएमसी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए, जीनत ने कहा कि आवारा जानवर अपनी आवाज खुद नहीं उठा सकते। उनके साथ क्रूरता करना उचित नहीं है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, मानवता, करुणा और न्याय के मूल्यों की रक्षा करना हमारी -सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर मुंबई में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहले पशु जन्म नियंत्रण, उचित तंत्र, आश्रय, चिकित्सा सुविधाएं की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था स्थापित किए बिना कार्रवाई करना अमानवीय, अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण है।
जिस तरह दादर में कबूतरों के खाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई, उसी तरह सरकार को आवारा कुत्तों के लिए भी विकल्प उपलब्ध कराने चाहिए, ये जानवर भी इस शहर का हिस्सा हैं। उन्हें भी जीने का अधिकार है।
मुंबई में 90 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। पिछले कुछ दिनों में ककूहर खानों के बाद आवारा कुत्तों का मुरा छाया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया है। लेकिन उनके लिए आश्रय गृहों की संख्या सिर्फ आठ है।
आवारा कुत्तों का मुलुंड में शेल्टर होम बनाने के फैसले के खिलाफ मुलुंड वासियों ने विरोध जताया है। बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर कोर्ट के आदेश की आलोचना की थी। कोर्ट के आदेश के खिलाफ पशु प्रेमी और गैर-सरकानी संगठन जयपुर और ठाणे जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।