Navabharat Interview: बीजेपी पर जमकर बरसे उद्धव ठाकरे, बोले-जमीन पर असली शिवसेना
Uddhav Thackeray Navabharat Interview: बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए भ्रष्टाचार, अव्यवस्थित विकास और मराठी अस्मिता से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
- Written By: अपूर्वा नायक
उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Uddhav Thackeray Exclusive Interview: बीएमसी के बहुप्रतीक्षित चुनाव हो रहे हैं। इस चुनाव में हो रही राजनीति को आप कैसे देखते हैं?
इस चुनाव में राजनीति का स्तर बेहद गिर गया है। हमने इतना गंदा चुनाव पहले कभी नहीं देखा था। कौन कहां है, पता ही नहीं चल रहा है और सबसे अजीब बात यह देखने को मिल रही है कि अपने आप को सबसे शक्तिशाली पार्टी मानने वाली पार्टी बीजेपी, जिसे मैं ‘भ्रष्टाचारी जनता पार्टी’ मानता हूं का वास्तविक चेहरा लोगों के सामने आ गया है।
मेरा मानना है कि बीजेपी मानसिक रूप से और सड़क पर भी बहुत ही कमजोर पार्टी है। बीजेपी अब पुरानी वाली पार्टी नहीं बची है। आज इसमें गुंडे, भ्रष्टाचारियों की भरमार हो गई है। बीजेपी की तोड़फोड़ की राजनीति पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इनके पास अपना कुछ नहीं है। असल में ये लोग अपनी पार्टी नहीं चला सकते हैं तो देश कैसे चलाएंगे? इन्होंने कागज पर हमारा चुनाव चिन्ह और नाम छीन लिया लेकिन फिर भी असली शिवसेना (यूबीटी) जमीन पर है लोगों के बीच में, जबकि बीजेपी सिर्फ कागजों पर है, जमीन पर नहीं है।
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मुंबई महानगरपालिका सहित राज्य की 29 मनपाओं के चुनाव में महज एक सप्ताह और शेष बचे हैं। सभी सियासी दलों और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार जोरशोर से चुनाव प्रचार में लगे हैं। इसी पृष्ठभूमि में ‘नवभारत’ के स्थानीय संपादक ब्रजमोहन पांडेय व रिपोर्टर जितेंद्र मल्लाह ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से उनके निवास मातोश्री पर चुनावी माहौल पर चर्चा की।
इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सवालों का बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महायुति सरकार मुंबई में जिस विकास दावा कर रही है। वह नियोजन शून्य है। अपना कट (कमीशन) वसूलने के लिए सरकार ने ठेकेदारों को बेवजह 3 लाख करोड़ रुपए बांट दिए। इसका खामियाजा मुंबईकरों को भुगतना पड़ रहा है। उद्धव ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के बाद बीएमसी में हमारी सत्ता आएगी और हम महायुति सरकार के शासनकाल में विकास कामों के नाम पर किए भ्रष्टाचारों की पोल खोलेंगे। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश। ।
आप दोनों भाई साथ में आए और शिवसेना का गठन जिस मराठी अस्मिता के मुद्दे पर हुआ, आपने -फिर से जिंदा किया क्यों?
मुंबई में पिछले दो-तीन वर्षों में मराठी लोगों के साथ जो गुंडागर्दी, मदमस्ती बढ़ी है, हम अपनी सोसायटी में आपको घर नहीं बेचेंगे। ऐसा करनेवाले ये कौन बिल्डर हैं। मराठियों को अपने राज्य में घर नहीं देने वाले लोग कौन हैं? आप ऐसा एक भी मराठी उद्योगपति-बिल्डर बताएं जो दूसरे राज्य में जाकर व्यवसाय व्यापार कर रहा है और वहां के लोगों पर दबंगई दिखा रहा है। वहां के भूमिपुत्रों को जॉब देने से इनकार कर रहा है।
चुनाव में प्रांतवाद और भाषावाद चरम पर है। आप इसको कैसे देखते है?
आप कितने वर्षों से मुंबई में रह रहे हैं, क्या आप ने कभी मराठी हिंदी का भेद महसूस किया। मैं अपने घर में बैठकर आपसे हिंदी में बात कर रहा हूं। हम हिंदी के विरोधी नहीं हैं। हम मराठियों से दादागिरी करनेवालों के विरोधी हैं।
बीएमसी का चुनाव आपके लिए डू ऑर डाई जैसा हो गया है?
हमारा क्या बिगड़ेगा? हमारे लिए चिंता की कोई बात नहीं है। मुंबई को पाने की गुजरात की हमेशा से ख्वाहिश रही है। आपको जानकारी होगी कि संयुक्त महाराष्ट्र के लिए 1960 में एक बड़ा आंदोलन हुआ था, जो कि 1956 में शुरू हुआ था। इसमें मेरे दादा शामिल थे। मुंबई के लिए मराठी लोगों को अपना खून बहाना पड़ा था। इसके परिणाम स्वरूप मुंबई, महाराष्ट्र को मिली थी। हम जो अनुभव कर रहे हैं कि 2012 तक तो सब ठीक चल रहा था।
नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनना था तो उन्होंने हमारा इस्तेमाल किया। 2012 में बालासाहेब का निधन हुआ। उसके बाद इनके ऊपर जो बैठे हैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह), मुंबई को हासिल करने का गुजरातियों का सपना पूरा करने में जुट गए। मुंबई को हासिल करने के लिए शिवसेना को खत्म करने की साजिश रची गई। मुंबई की कई समस्याएं, नाले, खराब सड़कें, फुटपाथ, गलियां और अब इसमें वायु प्रदूषण भी जुड़ गया है।
क्या इनका सच में कोई समाधान है या राजनीति ही चलती रहेगी?
चार साल पहले कितनी समस्या थी? लेकिन आज मुंबई की 90% सड़कों को बेवजह खोद दिया गया है। कुछ जरूरत थी। आपने पहले कभी मुंबई में इतना प्रदूषण देखा था? क्योंकि बीएमसी अस्तित्व में नहीं है। कोई योजना नहीं बनाई गई है। सिर्फ कमीशन के लिए प्रशासकों के माध्यम से ठेकेदारों को ठेका दिया जा रहा है। जहां हम गरीबों के लिए शौचालय बनाते थे, वहां एफएसआई देकर इमारतें बनाई जा रही हैं। लोगों के हिस्से का पानी इमारतों में जा रहा है। फुटपाथ खोद डाले हैं। इस तरह से 3 लाख करोड़ का घोटाला सरकार ने किया है।
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आपके वचननामा में 700 वर्ग फुट तक प्रॉपर्टी टैक्स माफ, मुफ्त पानी, 10 रुपए में नाश्ता आदि वादे किए गए हैं, तो पैसा कहां से आएगा?
ये जो बेवजह सड़कों को खोदकर कट के लिए ठेकेदारों को ठेका दिया जा रहा है। इसे बंद करेंगे तो सब हो जाएगा। हमने कोस्टल रोड को साकार किया। राज्य या मोदी सरकार का एक भी पैसा नहीं लगा। गडकरी की हर परियोजना में टोल है। बोले मुंबई-गोवा महामार्ग में वर्षों तक गड्ढे नहीं होंगे। लेकिन 200 वर्षों तक सड़क भी नहीं बनेगी, ऐसा तंज भी उद्धव ने कसा।
