BMC चुनाव 2026: मुंबई के नए ‘माननीयों’ का रिपोर्ट कार्ड; 80% करोड़पति और 24% पर आपराधिक मामले, देखें ADR रिपोर
BMC Election 2026: बीएम चुनाव के नतीजों के बाद ADR की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुंबई के 227 पार्षदों में से 80% करोड़पति हैं, जबकि कई पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Corporators Wealth And Criminal Cases: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 2026 के चुनावी नतीजों के बाद अब ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) और ‘महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच’ की विस्तृत रिपोर्ट सामने आ गई है। यह रिपोर्ट मुंबई की नई नगर सरकार की तस्वीर और तकदीर दोनों को बयां करती है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका में पहुंचने वाले प्रतिनिधि भी धनबल और बाहुबल के मामले में पीछे नहीं हैं।
बाहुबल: 24% पार्षदों पर आपराधिक दाग
ADR द्वारा सभी 227 विजयी उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि लगभग एक चौथाई यानी 54 विजेताओं (24%) ने खुद पर आपराधिक मामले होने की बात कबूल की है। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि इनमें से 29 उम्मीदवारों (13%) पर ‘गंभीर’ श्रेणी के आपराधिक आरोप दर्ज हैं।
पार्टीवार आपराधिक रिकॉर्ड
भाजपा: सबसे अधिक 33% विजेताओं पर आपराधिक मामले।
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शिवसेना: 24% विजयी उम्मीदवारों पर केस दर्ज।
शिवसेना (UBT): 15% विजेताओं ने आपराधिक मामलों की घोषणा की है।
धनबल: करोड़पतियों से भरी बीएमसी
मुंबई महानगरपालिका में इस बार ‘अमीरों’ का बोलबाला रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, 227 में से 180 विजेता (79%) करोड़पति हैं। यानी हर 10 में से 8 पार्षद करोड़पति हैं। अगर औसत संपत्ति की बात करें, तो जीतने वाले उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 7.18 करोड़ रुपये आंकी गई है।
किस पार्टी में कितने करोड़पति?
पार्टीवार वित्तीय स्थिति देखें तो लगभग सभी प्रमुख दलों ने धनवान उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। शिवसेना में 93 प्रतिशत, कांग्रेस में 92 प्रतिशत, शिवसेना (यूबीटी) में 83 प्रतिशत, भाजपा में 76 प्रतिशत पार्षद करोड़पति हैं।
महिला शक्ति और शिक्षा का स्तर
इस चुनाव में एक सकारात्मक पहलू महिला प्रतिनिधित्व का रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बीएमसी सदन में इस बार 60% महिलाएं चुनकर आई हैं, जो नेतृत्व में बड़े बदलाव का संकेत है।
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अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
- आयु: लगभग 70% विजेताओं की उम्र 41 से 70 वर्ष के बीच है, जो अनुभव और परिपक्वता का मिश्रण दर्शाता है।
- शिक्षा: लगभग आधे विजेताओं (50%) के पास स्नातक (Graduate) या उससे अधिक की शैक्षणिक योग्यता है।
ADR की यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि चुनावी राजनीति में अभी भी धनबल (Money Power) और बाहुबल (Muscle Power) का प्रभाव कम नहीं हुआ है। हालांकि, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और पार्षदों का शैक्षणिक स्तर भविष्य के लिए एक उम्मीद की किरण जरूर जगाता है। अब देखना यह होगा कि ये ‘करोड़पति’ पार्षद मुंबई की बुनियादी समस्याओं जैसे जलभराव, खराब सड़कें और प्रदूषण से आम जनता को कितनी राहत दिला पाते हैं।
