Kirit Somaiya on Tipu Sultan (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Kirit Somaiya on Tipu Sultan: महाराष्ट्र की राजनीति में टीपू सुल्तान की तस्वीर और उनके इतिहास को लेकर छिड़ा संग्राम अब व्यक्तिगत और तीखे हमलों के दौर में पहुँच गया है। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में मीडिया से बात करते हुए शिवसेना (UBT) और कांग्रेस पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है।
सोमैया ने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में उद्धव ठाकरे और कांग्रेस ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को ताक पर रख दिया है और अब वे ‘तुष्टीकरण’ की राजनीति के नए चेहरे बन गए हैं। किरीट सोमैया का यह बयान तब आया है जब मालेगाव से लेकर पुणे तक टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी महाराज से किए जाने पर भाजपा आक्रामक प्रदर्शन कर रही है।
किरीट सोमैया ने मीडिया से बात करते हुए विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “आज की कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने पूरी तरह से गोल टोपी पहन ली है और हरा कपड़ा ओढ़ लिया है।” सोमैया का इशारा साफ तौर पर मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की खातिर ये दल उस टीपू सुल्तान का महिमामंडन कर रहे हैं, जिसने मंदिरों को तोड़ा और हिंदुओं पर अत्याचार किए। सोमैया के अनुसार, यह केवल एक तस्वीर का विवाद नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की संस्कृति को अपमानित करने का प्रयास है।
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भाजपा नेता ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज की तुलना किसी भी सुल्तान से करना पाप है।
वैचारिक पतन: सोमैया ने सवाल उठाया कि क्या अब मातोश्री (उद्धव ठाकरे का आवास) में टीपू सुल्तान की आरती उतारी जाएगी?
हिंदुत्व पर सवाल: उन्होंने उद्धव ठाकरे को घेरते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा ‘हरा सांप’ और तुष्टीकरण का विरोध किया था, लेकिन आज उनके बेटे उन्हीं लोगों के साथ खड़े हैं जो टीपू सुल्तान को महान बता रहे हैं।
चुनावी स्टंट: सोमैया ने इसे 2026 के आगामी चुनावों के लिए एक सोची-समझी रणनीति बताया।
सोमैया ने चेतावनी दी कि भाजपा महाराष्ट्र के किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मालेगाव मामला: उन्होंने मालेगाव की उपमहापौर को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने जबरन फोटो लगाई, तो भाजपा कार्यकर्ता उसे हटाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।
FIR की मांग: सोमैया ने गृह विभाग से मांग की है कि जो लोग शिवाजी महाराज का अपमान कर रहे हैं, उनके खिलाफ ‘राजद्रोह’ का मामला दर्ज होना चाहिए।
जनता के बीच जाएंगे: भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर राज्य भर में जन-जागरण अभियान चलाने का फैसला किया है, ताकि विपक्ष के ‘असली चेहरे’ को जनता के सामने लाया जा सके। सोमैया के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘हिंदुत्व’ बनाम ‘धर्मनिरपेक्षता’ की बहस तेज हो गई है।