व्हाट्सअप पॉलिटिकल कैपेंन (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: नमस्कार आपको पानी, बिजली सड़क, कागज बनवाना या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या है तो कृपया वार्ड ऑफिस आएं और अपने उम्मीदवार से मिलें।
चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के मैसेज राजनीतिक दलों की तरफ से लगभग सभी मतदाताओं को भेजा जा रहा है। एक समय था, जब चुनावी प्रचार का मतलब घर-घर जाकर दस्तक देना, नारे लगाना और पर्चे बांटना होता था, लेकिन समय के साथ प्रचार के तरीके भी बदल गए हैं।
जैसे-जैसे बीएमसी चुनाव नजदीक आ रहा है, उम्मीदवार वार्ड स्तर पर मतदाताओं तक पहुंचने के लिए डिजिटल माध्यमों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह से सभी उम्मीदवार सोशल मीडिया को चुनाव प्रचार का एक अहम हिस्सा मान रहे हैं।
बीते कुछ चुनावों में जहा उम्मीदवार फेसबुक और इंस्टाग्राम जैरो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर थे, वहीं इस बार व्हाट्सएप को सबसे असरदार वार्ड-स्तरीय प्रचार टूल के रूप में अपनाया गया है। कई उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में कई काट्सऐप ग्रुप बनाए हैं, जिनमें प्रत्येक ग्रुप में लगभग 200 से 300 मतदाता शामिल है।
इन ग्रुपों को स्थानीय प्रभावशाली नागरिकों, हाउसिंग सोसाइटी सेक्रेटरी और युवा स्वयंसेवकों के जरिए संबालित किया जा रहा है। इन व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से नामांकन से जुड़ी जानकारिया, रैली और सभाओं का कार्यक्रम, प्रचार योजनाएं और चुनाव के बाद के विवारस कार्यों के वादे सांझा किए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि व्हाट्सऐप ने पारंपरिक घर-घर प्रचार की तरह ही सीधा और व्यक्तिगत संवाद संभव बनाया है, जिससे मतदान के दिन तक लक्षित और निरंतर प्रचार करना आसान हो गया है।
राजनीतिक दलों का मानना है कि आगामी बीएमसी चुनाव में प्रत्येक वार्ड में कम से कम 35 से 40 इञ्चर मतदाता हैं। ऐसे में सभी से मिल पाना और अपनी बात कह पाना संभव नहीं है। इसलिए सोशल मोडिया का योगदान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में पहले से मौजूद व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए नागरिकों को स्थानीय विकास कार्यों, शिकायत निवारण और जनसंपर्क बैठकों की जानकारी दी जाती है। चुनाव के दौरान इन सुपों का और अधिक सक्रिय रूप से उपयोग किया गया। आम आदमी पार्टी के नेताओं का भी मानना है कि युवा मतदाता अब फेसबुक से दूर हो चुके हैं और इंस्टाग्राम तक सीमित है, जबकि व्हाट्सऐप लगभग सभी आयु वर्गों में समान रूप से लोकप्रिय है।
-मुंबई से नवभारत लाइव के लिए ब्रिजेश पाठक की रिपोर्ट