rural water supply problem (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sinnar Water Supply Issue: मनेगाव सहित 22 गांवों की जलापूर्ति योजना पिछले चार महीनों से ठप्प होने के कारण नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की यह योजना लासलगांव-इगतपुरी सड़क के कंक्रीटीकरण कार्य के दौरान पाइपलाइन टूटने से बंद पड़ी है। इस गंभीर समस्या को लेकर सांसद राजाभाऊ वाजे ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जमकर क्लास ली।
सिन्नर तहसील कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद वाजे ने पूछा, “चार महीने पहले बैठक होने के बावजूद पाइपलाइन की मरम्मत क्यों नहीं हुई? गांवों में पानी नहीं है, लेकिन सड़क का काम बदस्तूर जारी है।” उन्होंने संबंधित ठेकेदार को तत्काल पाइपलाइन की मरम्मत कर टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने योजना के पिछले चार महीनों से लंबित बिजली बिल का भुगतान तुरंत करने की दोटूक भूमिका ली।
दापूर से जल शुद्धीकरण केंद्र के बीच पाइपलाइन फटने के कारण मनेगाव सहित 22 गांवों की जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही इन गांवों में पानी की किल्लत गहराती जा रही है। अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण काम रुकने का आरोप लगाते हुए सांसद ने चेतावनी दी कि ग्रामीणों को पानी के लिए भटकते देखना अब सहन नहीं किया जाएगा। बैठक में तहसीलदार सुरेंद्र देशमुख, बीडीओ अशोक भवारी, एमजेपी की उप-कार्यकारी अभियंता श्रद्धा मोरे सहित विभिन्न गांवों के सरपंच और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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बैठक के दौरान सांसद राजाभाऊ वाजे ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “जब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होती और बिजली बिल का भुगतान नहीं होता, तब तक सड़क का काम आगे नहीं बढ़ेगा। यदि काम जारी रहा, तो मैं स्वयं आकर इसे बंद कराऊंगा।
इसके लिए अगर प्रशासन को मुझ पर पहला मामला दर्ज करना है, तो बेशक करे।” आठ दिन पहले महिलाओं द्वारा ‘हंडा मोर्चा’ निकाले जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की।