BMC Result 2026: मुंबई में उद्धव का किला ध्वस्त, BJP को बहुमत; पर वार्ड 173 की इस ‘फर्जी’ जीत ने सबको चौंकाया!
BMC Result 2026: बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने बहुमत हासिल कर उद्धव ठाकरे के गढ़ मुंबई पर कब्जा कर लिया है। वहीं, वार्ड 173 में फर्जी एबी फॉर्म भरने वाली उम्मीदवार की जीत ने हलचल मचा दी है।
- Written By: आकाश मसने
देवेंद्र फडणवीस व शिल्पा केलुसकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Election Result Shilpa Keluskar Winner: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। जहां बीजेपी ने 227 सीटों वाले सदन में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, वहीं वार्ड नंबर 173 से आई जीत की खबर ने खुद बीजेपी नेतृत्व को भी हैरान कर दिया है।
शिवसेना के गढ़ में बीजेपी की सेंध
देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी के 2026 के चुनाव परिणाम ऐतिहासिक रहे हैं। लंबे समय से उद्धव ठाकरे का गढ़ मानी जाने वाली मुंबई अब पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रंग में रंग गई है। शुरुआती रुझानों और अब तक के परिणामों से यह स्पष्ट हो गया है कि मुंबई की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। बीजेपी ने कुल 227 सीटों में से बहुमत के जादुई आंकड़े को छू लिया है, जो पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
वार्ड नंबर 173 में शिल्पा केलुसकर ने दर्ज की जीत
इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड नंबर 173 की हो रही है। यहां से केके शिल्पा केलुसकर ने जीत दर्ज की है, लेकिन उनकी यह जीत सामान्य नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार, शिल्पा केलुसकर ने फर्जी ‘एबी’ (AB) फॉर्म भरकर अपना नामांकन दाखिल किया था। ‘एबी’ फॉर्म वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जो राजनीतिक दल अपने अधिकृत उम्मीदवार को आवंटित करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
MP Rajya Sabha Polls: मप्र में दिल्ली से भोपाल तक बढ़ी सियासी तपिश, दोनों खेमों में बैठकों का दौर जारी
संजय राउत ने ही हमें मातोश्री से निकाला था, अब क्यों बुला रहे हैं? उद्धव गुट की अपील पर भड़के गुलाबराव पाटिल
लोकायुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उमंग सिंघार का भाजपा सरकार पर हमला, पूछा- कौन सी संस्था बची है अब…
रतलाम में भाजपा जिलाध्यक्ष की गाड़ी पर पथराव, हमले में कार क्षतिग्रस्त, एक कार्यकर्ता घायल
पार्टी की इच्छा के विरुद्ध भरा नामांकन
हैरानी की बात यह है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व ने शिल्पा केलुसकर को आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार नहीं बनाया था। टिकट पाने के लिए उन्होंने काफी जद्दोजहद की और पार्टी नेतृत्व को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने किसी को भी सूचना दिए बिना खुद ही फर्जी एबी फॉर्म तैयार किया और उसे चुनाव आयोग के पास जमा कर दिया।
यह भी पढ़ें:- BMC में सबसे बड़ा उलटफेर! पहला नतीजा कांग्रेस के पक्ष में, जानें कौन है विजेता उम्मीदवार
बीजेपी की शिकायत और चुनाव आयोग का रुख
जब इस फर्जीवाड़े की खबर बीजेपी को लगी, तो पार्टी ने तुरंत कदम उठाते हुए चुनाव आयोग से संपर्क किया। बीजेपी ने आधिकारिक तौर पर आयोग से अपील की थी कि शिल्पा केलुसकर का नामांकन रद्द कर दिया जाए क्योंकि वह पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार नहीं थीं। हालांकि, कानूनी पेचीदगियों या तकनीकी कारणों से नामांकन रद्द नहीं हुआ और उन्होंने चुनाव लड़ा।
नतीजों ने किया सबको हैरान
तमाम विवादों और अपनी ही पार्टी के विरोध के बावजूद, वार्ड नंबर 173 की जनता ने शिल्पा केलुसकर पर भरोसा जताया। जब चुनाव के नतीजे सामने आए, तो यह देखकर हर कोई दंग रह गया कि ‘फर्जी’ एबी फॉर्म के जरिए चुनावी मैदान में उतरी शिल्पा केलुसकर जीत चुकी हैं। यह जीत न केवल विपक्ष के लिए बल्कि खुद बीजेपी के लिए भी एक पहेली बन गई है, क्योंकि एक तरफ पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज किया था और अब वही उम्मीदवार उनकी झोली में एक सीट लेकर आई है।
