
एकनाथ शिंदे व उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shiv Sena- Shiv Sena UBT Clash: महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव 2026 के मद्देनजर चुनावी माहौल गरमा गया है। मुंबई के वार्ड 124 और नवी मुंबई में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच गंभीर हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। पैसे बांटने के आरोपों और आपसी विवाद ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासन अलर्ट पर है।
मुंबई नगर निगम चुनाव (BMC Election 2026) के करीब आते ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब हिंसक रूप अख्तियार करती जा रही है। मुंबई के वार्ड नंबर 124 में आधी रात को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिवसेना के ठाकरे और शिंदे गुट के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस हिंसक घटना में शिवसेना (UBT) यानी ठाकरे गुट के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घायल कार्यकर्ताओं को तुरंत इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ठाकरे गुट के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाया है कि उनकी उम्मीदवार सकीना शेख के समर्थकों पर शिंदे गुट के उम्मीदवार हारून खान के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
इस पूरी झड़प के पीछे की मुख्य वजह मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे बांटने के आरोप बताए जा रहे हैं। ठाकरे गुट के पदाधिकारियों का दावा है कि शिंदे गुट के कार्यकर्ता चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा ले रहे थे और उन्हें वोटरों को पैसे बांटते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
जब ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, तो दोनों समूहों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। यह बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। ठाकरे गुट का आरोप है कि शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने उनके लोगों को निशाना बनाया और मारपीट की, जिससे दो लोग घायल हुए।
चुनावी हिंसा का यह सिलसिला सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि नवी मुंबई में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को नवी मुंबई के कोपरखैरने इलाके में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार मारपीट हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में आज शाम 5 बजे थम जाएगा चुनाव प्रचार, क्या फडणवीस-शिंदे और पवार बचा पाएंगे अपना-अपना किला?
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि भाजपा कार्यकर्ता शिंदे गुट के एक सदस्य की बुरी तरह पिटाई कर रहे हैं। आरोप है कि शिंदे गुट का यह कार्यकर्ता मतदाताओं को पैसे बांटते हुए पकड़ा गया था। गुस्से में आए भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल उसका गला दबाया बल्कि उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। मुंबई और नवी मुंबई की इन घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।
राजनीतिक गर्माहट का असर आदित्य ठाकरे के निर्वाचन क्षेत्र वर्ली में भी साफ देखा जा रहा है। वार्ड नंबर 193 में ठाकरे गुट की उम्मीदवार हेमांगी वार्लिकर के पति हरीश वार्लिकर पर भी पैसे बांटने के आरोप लगे हैं। शिंदे गुट और निर्दलीय उम्मीदवारों का दावा है कि मीटिंग के नाम पर महिलाओं को बुलाया गया और उन्हें पैसे वितरित किए गए।
हैरानी की बात यह है कि इन आरोपों से संबंधित वीडियो ठाकरे गुट के ही पूर्व पदाधिकारी सूर्यकांत कोली ने सार्वजनिक किए हैं। कोली, जिन्हें इस बार टिकट नहीं मिला और वे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इन सभी घटनाओं ने बीएमसी चुनाव 2026 की पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






