मुंबई के गोवंडी में भारी विरोध प्रदर्शन: अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद सड़कों पर उतरा शिया समुदाय

Mumbai Govandi Protest Iran Leader: मुंबई के गोवंडी में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ विशाल प्रदर्शन। कारगिल, दिल्ली और कर्नाटक में भी शिया समुदाय ने जताया कड़ा विरोध।
Mumbai Govandi Protest Iran Leader
Mumbai Govandi Protest Iran Leader (डिजाइन फोटो)
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Ayatollah Ali Khamenei Death India Reaction: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमलों में हुई कथित हत्या की खबर के बाद रविवार, 1 मार्च को मुंबई का गोवंडी इलाका विरोध प्रदर्शनों और शोक की लहर से दहल उठा। दोपहर के वक्त बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और खामेनेई की तस्वीरें लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि दिल्ली, कश्मीर और कर्नाटक में भी शिया समुदाय के लोगों ने इस घटना को "मानवता की हत्या" करार देते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया है।

गोवंडी की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

मुंबई के गोवंडी इलाके में रविवार दोपहर को स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में रही। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई को 'मजलूमों का रहनुमा' बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गाजा और फिलिस्तीन के अनाथ बच्चों के हक की आवाज बुलंद की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गोवंडी की तंग गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक लोग काले झंडे लिए हुए शोक मना रहे हैं। स्थानीय प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं, बल्कि दुनिया भर के शिया समुदाय के आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे।

कारगिल से कर्नाटक तक विरोध की गूंज

जम्मू-कश्मीर के कारगिल में इमाम खुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट के बैनर तले एक विशाल जुलूस निकाला गया। एएनआई के अनुसार, इस जुलूस में हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। वहीं, दिल्ली में अखिल भारतीय शिया परिषद के अध्यक्ष मौलाना जनन असगर मौलाई मीडिया के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई का पूरा जीवन उत्पीड़ितों की सेवा में बीता। कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले में भी शिया समुदाय के लोगों ने कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए विरोध मार्च निकाला।

"गाजा का समर्थन करना ही क्या अपराध था?"

प्रदर्शनकारियों के बीच इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि खामेनेई को उनके मानवीय कार्यों और गाजा के समर्थन के कारण निशाना बनाया गया। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होते हुए पूछा, "उनका अपराध क्या था? क्या अनाथ बच्चों की मदद करना और जालिमों के खिलाफ खड़े होना गुनाह है?" शिया परिषद के सदस्यों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक ऐसी शख्सियत को खत्म किया है जो विश्व शांति और कल्याण के लिए काम कर रही थी। समुदाय ने इस घटना को वैश्विक मुस्लिम समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

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