
आदित्य ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Local Body Elections: बीएमसी चुनाव में ठाकरे बंधुओं और शरद पवार की पार्टी को कुल 72 सीटें मिलने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इसे केवल चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि एक नैतिक जीत करार दिया है। उनका कहना है कि यह सफलता सत्ता और पैसे के प्रभाव के खिलाफ जनता के भरोसे का प्रमाण है।
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी महायुति को न सिर्फ प्रशासन का समर्थन प्राप्त था, बल्कि राज्य चुनाव आयोग का भी परोक्ष सहयोग मिला। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने जिस तरह से चुनाव लड़ा और सीटें हासिल कीं, वह लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने मिलकर ईमानदारी से चुनाव लड़ा। कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर एक-दूसरे का सहयोग किया, जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया।
आदित्य ठाकरे के अनुसार, पावर और पैसों के शोर के बीच मराठी भाषा और मुंबई के अधिकारों की आवाज को जिंदा रखना आसान नहीं था। इसके बावजूद मतदाताओं ने यह संदेश दिया कि झूठे प्रचार और धनबल के बावजूद सच्चाई और न्याय की जगह बनी रहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों से बीएमसी में प्रशासक शासन रहा और इस दौरान राज्य सरकार को चुनाव आयोग का समर्थन भी प्राप्त था। इसके बावजूद जो परिणाम सामने आए हैं, वे सत्ता पक्ष के दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
ये भी पढ़ें :- BMC Elections 2026: महापौर पद पर सस्पेंस, रोटेशन और आरक्षण प्रक्रिया बनी मुंबई की नई बाधा
आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि मुंबई और महाराष्ट्र को बचाने की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उनका कहना है कि विपक्ष जनता के मुद्दों, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।






