नवनीत राणा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navneet Rana Caste Certificate Case: मुंबई की मजगांव अदालत से भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया, हालांकि उनके पिता के खिलाफ सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ए. ए. कुलकर्णी ने राणा की ओर से दायर आरोपमुक्ति याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि, इस फैसले का विस्तृत आदेश अभी सामने नहीं आया है। अदालत ने नवनीत राणा के पिता हरभजनसिंह कुंडलेस के खिलाफ मुकदमा जारी रखने का फैसला सुनाया है। उनके खिलाफ आरोप तय करने को लेकर मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
नवनीत राणा 2019 से 2024 तक अमरावती लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद रह चुकी हैं और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं। उन्होंने अनुसूचित जाति से होने का दावा करते हुए आरक्षित अमरावती सीट से चुनाव लड़ा था।
मुंबई के मुलुंड पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, नवनीत राणा और उनके पिता पर आरोप था कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए कथित रूप से दस्तावेजों में हेराफेरी की। आरोप यह भी था कि यह प्रमाण पत्र धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त किया गया।
बंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2021 में नवनीत राणा का जाति प्रमाण पत्र यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि वह जाली दस्तावेजों के आधार पर हासिल किया गया है। इस फैसले के चलते राणा की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ गई थीं। हालांकि, अप्रैल 2024 में उच्चतम न्यायालय ने उनका अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बहाल कर दिया, जिससे उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। बावजूद इसके, नवनीत राणा भाजपा के टिकट पर अमरावती सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव हार गई थीं।
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अदालत के इस फैसले को नवनीत राणा के लिए कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि उनके पिता से जुड़े मामले पर सबकी नजरें अब अगली सुनवाई पर टिकी हैं।