मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Public Holiday Traffic: मुंबई और पुणे को जोड़ने वाली जीवनरेखा कहलाने वाला ‘यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे’ गुरुवार को एक बार फिर यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के उपलक्ष्य में मिली सार्वजनिक छुट्टी का आनंद लेने निकले पर्यटकों और यात्रियों को उस समय भारी निराशा हाथ लगी, जब खंडाला घाट क्षेत्र में वाहनों के पहिए पूरी तरह धम गाए।
सुबह से ही शुरू हुआ यह यातायात का दबाव दोपहर होते-होते एक भीषण जाम में तब्दील हो गया। विशेष रूप से खंडाला टनल के पास स्थिति इतनी विकट हो गई कि मुंबई जाने वाली लेन पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें दिखाई देने लगीं। केवल मुंबई जाने वाला मार्ग ही नहीं, बल्कि पुणे की ओर आने वाली गाड़ियां भी रेंगती नजर आई।
इस भीषण जाम के कारण यात्रियों को चिलविलाती धूप में घंटों तक अपने वाहनों में कैद रहना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुगों को हुई, जिन्हें बुनियादी सुविधाओं के अभाव में काफी संघर्ष करना पड़ा।
आक्रोशित यात्रियों का कहना है कि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की कोई ठोस योजना नजर नहीं आई। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी इसी मार्ग पर करीब 32 घंटे लंबा ऐतिहासिक जाम लगा था।
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मात्र आठ दिनों के भीतर दोबारा वहीं स्थिति उत्पन्न होने से नियमित यात्रियों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा गुस्सा है। बार-बार होने वाली इस समस्या ने एक्सप्रेस-वे के प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए है।