पुणे-बेंगलुरु ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Greenfield Corridor India: पुणे और बेंगलुरु के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्रस्तावित पुणे-बेंगलुरु ग्रीनफील्ड एक्स्प्रेस-वे को देश के 25 महत्वपूर्ण हरित कॉरिडोर में शामिल किया है।
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की, जिसके बाद इसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार, मार्च के अंत तक परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिल सकती है।
भूमि अधिग्रहण और तकनीकी प्रक्रियाएं होंगी तेजी से मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण और तकनीकी प्रक्रियाएं तेज गति से शुरू कर दी जाएगी, एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद पुणे से बैंगलुरु का सफर महज 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अभी यह यात्रा लगभग 15 घंटे तक खिंच जाती है।
वर्तमान में दोनों शहरों के बीच संपर्क के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (एनएच-48) का उपयोग होता है, बढ़ते ट्रैफिक, अतिक्रमण और संकरी सड़कों के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है। इसका असर यात्रियों के साथ-साथ उद्योग, व्यापार और कृषि परिवहन पर भी पड़ रहा है।
करीब 700 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सप्रेस-वे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 45 से 50 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें:-धुले में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष टीएलएम कार्यशाला, समावेशी शिक्षा की ओर मनपा का नवाचार
परियोजना के लिए लगभग 20 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। महाराष्ट्र के सातारा और सांगली से होते हुए यह मार्ग कर्नाटक के कई जिलों को जोड़ेगा।