

Mumbai News: दीपों के पर्व दीपावली के उपलक्ष्य में मुंबई बीजेपी के एक नेता एक हैं तो सेफ हैं स्लोगन के साथ समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं में मिठाई बांट रहे हैं. इस वजह से मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में सियासी घमासान मच गया है. मुंबई प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष व सांसद वर्षा गायकवाड ने भाजपा पर त्योहारों के मौसम में नफरत फैलाने का आरोप लगाया. बीजेपी और उसके गठबंधन महायुति पर द्वेष फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी के नेतृत्व में मुंबई असुरक्षित हो जाएगी. देश की सबसे अमीर महानगरपालिका (मुंबई बीएमसी) का खजाना लूट लिया जाएगा और शहर के लोगों में फूट पड़ेगी.
इस मौके पर राज्य कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि भाजपा हर हर चुनाव में ध्रुवीकरण की राजनीति करती है. सावंत ने कहा कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान तथाकथित हिंदू जन आक्रोश मोर्चा के दौरान में यही सब देखा था. 'एक हैं तो सेफ हैं, बटोगे तो कटोगे' जैसे नफरत भरे नारे लगाए गए. बीजेपी के नेता नियमित रूप से जहरीले बयान देते रहते हैं. बीएमसी चुनावों से पहले एक बार फिर से मुंबई में ऐसी ही स्थिति पैदा की जा रही है. जबकि बीएमसी चुनावों के प्रचार शहर से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित होने चाहिए.
यह चुनाव मुंबई की सफाई, सीवेज निपटारे, हर साल आने वाली बाढ़, अस्पतालों और स्कूलों की स्थिति, टूटी नालियों, महिलाओं के लिए गंदे और अपर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों, ढहते फुटपाथों, लोगों की जान लेने वाले गड्ढों, भीषण ट्रैफ़िक जाम, कचरा प्रबंधन, खुली जगहों के दुरुपयोग, बिल्डर-नेताओं की सांठगांठ, ठेकेदारों के भ्रष्टाचार और बीएमसी की वित्तीय गिरावट के बारे में है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई गंभीर रूप से बीमार है. यदि हम वास्तव में इसे बचाना चाहते हैं, तो हमें स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और मुंबईवासियों के जीवन को आसान बनाने की बात करनी होगी. कांग्रेस भाजपा के ध्रुवीकरण के एजेंडे को हराने और मुंबई को एक ऐसा वैश्विक शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो मानव जीवन और समावेश को महत्व देता हो.
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा बीजेपी दिवाली की मिठास में भी नफरत का जहर मिला रही है. मुंबई को बांटकर भाजपा, बीएमसी के खजाने पर कब्जा करना चाहती है और मुंबई को लूटना चाहती है. भाजपा की राजनीति के कारण शहर की सद्भावना खतरे में पड़ गई है. भाजपा के कारण मुंबई असुरक्षित हो रही है और सत्तारूढ़ दल केवल बीएमसी का खजाना लूटना चाहती है.