शरद पवार व देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra BJP Plan B: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के बाद राज्य में उत्पन्न ‘राजनीतिक संतुलन’ के खेल को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने ‘प्लान-बी’ तैयार किया है। इसके तहत एनसीपी नेता शरद पवार को साधने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा के कुछ बड़े नेताओं को उनसे पर्दे के पीछे बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह बताया जा रहा है कि शरद पवार को डिप्टी पीएम बनाने से लेकर सुप्रिया सुले को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि इसके दूसरी ओर, एनसीपी अजित पवार में किसी संभावित टूट को रोकने के लिए भी भाजपा में मंथन चल रहा है।
अजित पवार परिवार को साधने के लिए जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उनमें अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद देने के साथ ही उनके बेटे को उनकी जगह राज्यसभा में लाना और एनसीपी नेता प्रफुल पटेल को केंद्र सरकार में मंत्री बनाना भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा किसी भी वजह से महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के हाथ में वह ताकत नहीं आने देना चाहती है जिससे राज्य सरकार का भविष्य उनकी इच्छा पर निर्भर हो जाए। इसके लिए भाजपा किसी भी तरह एनसीपी अजित पवार में किसी भी संभावित टूट को रोकना चाहती है जिसके लिए वह प्लान-ए’ पर काम कर रही है लेकिन इस बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि एनसीपी के दोनों गुट फरवरी के दूसरे सप्ताह में एक हो सकते हैं।
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भाजपा यह जानती है कि शरद पवार अगर एकीकृत एनसीपी के प्रमुख बन जाते हैं तो मोलभाव कठिन हो जाएगा। संभव है कि भाजपा की मौजूदा सरकार अस्थिर हो जाए। भाजपा नहीं चाहती है कि किसी भी हालत में महाराष्ट्र की सरकार पर कोई संकट आए। भाजपा के एक नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना कोई भी सरकार नहीं बना सकता है लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि भाजपा को भी अपनी सरकार चलाने के लिए सहयोगियों की जरूरत है। अगर एनसीपी और शिवसेना के दोनों गुट एक हो जाते हैं तो ऐसे में देर-सवेर राज्य में एक बार फिर से विधानसभा के लिए मध्यावाधि चुनाव कराने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसा होने पर बीएमसी के मौजूदा समीकरण भी बदल जाएंगे।