मुंबई-ठाणे सफर आसान: 17,036 करोड़ के भायंदर-घोड़बंदर मेगा कॉरिडोर को मंजूरी, टनल-क्रीक ब्रिज बनेंगे
Mumbai Traffic News: मुंबई महानगर क्षेत्र में ट्रैफिक कम करने के लिए ₹17,036 करोड़ के भायंदर-घोड़बंदर कॉरिडोर को मंजूरी। इसके तहत 15.44 किमी लंबा ब्रिज और सुरंग बनेगी।
- Written By: रूपम सिंह
क्रीक ब्रिज (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhayander Ghodbunder Corridor Infrastructure Project: मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए 17,036 करोड़ रुपए की लागत वाले भायंदर-घोड़बंदर मेगा कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है। परियोजना के तहत एलिवेटेड क्रीक ब्रिज और भूमिगत टनल का निर्माण किया जाएगा, जिससे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर वाहनों का दबाव घटेगा और मुंबई-ठाणे के बीच आवागमन को नया विकल्प मिलेगा। 15।44 किलोमीटर लंबा यह आधुनिक परिवहन गलियारा एमएमआरडीए द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
मुंबई महानगर क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने और उत्तर-दक्षिण संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 17,036.03 करोड़ रुपए की लागत वाली कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी दे दी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत भायंदर से फाउंटेन होटल जंक्शन तक एलिवेटेड क्रीक ब्रिज और फाउंटेन होटल जंक्शन से गायमुख तक ट्विन-ट्यूब भूमिगत सुरंग का निर्माण किया जाएगा। कुल 15.44 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का क्रियान्वयन एमएमआरडीए द्वारा पीपीपी के तहत बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर किया जाएगा। कैबिनेट अवसंरचना समिति की मंजूरी के बाद शहरी विकास विभाग ने 22 जून को इस संबंध में सरकारी प्रस्ताव जारी किया।
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पिछली निविदा प्रक्रिया रद्द होने के 2 वर्ष बाद मिली मंजूरी
- यह मंजूरी पिछली निविदा प्रक्रिया रद्द होने के लगभग दो वर्ष बाद मिली है।
- लार्सन एंड टुब्रो ने निविदा रद्द किए जाने के निर्णय को बॉम्बे हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन दोनों अदालतों ने एमएमआरडीए के निर्णय को बरकरार रखा।
- बताया जाता है कि एल एंड टी द्वारा अपेक्षाकृत कम वित्तीय बोली लगाने के बाद एमएमआरडीए ने उससे बोली का समर्थन करने वाले दस्तावेज मांगे थे, जो उपलब्ध नहीं कराए गए।
- इसके बाद निविदा रद्द कर नई प्रक्रिया शुरू की गई थी। परियोजना को 40 प्रतिशत व्यवहार्यता
- अंतर निधि प्राप्त होगी, जिसमें केंद्र और महाराष्ट्र सरकार 20-20 प्रतिशत योगदान देगी।
- शेष राशि निजी निवेश और कर्ज के माध्यम से जुटाई जाएगी। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पर्यावरण प्रबंधन के लिए अतिरिक्त 713.94 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
- राज्य सरकार ने अपने वीजीएफ हिस्से के रूप में लगभग 3,407 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए है। साथ ही केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त करने के लिए एमएमआरडीए को अधिकृत किया है।
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परियोजना से सुगम बनेगा क्षेत्र का यातायात
परियोजना में 9.58 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड क्रीक ब्रिज और 5.86 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग शामिल है। सुरंग की प्रत्येक दिशा में तीन-तीन लेन होंगी। इस कॉरिडोर का उद्देश्य वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बढ़ती भीड़भाड़ को कम करना तथा मुंबई, मीरा-भायंदर और ठाणे क्षेत्र के बीच यातायात को सुगम बनाना है।
