गड़चिरोली में 11 घंटे के चक्काजाम के बाद झुका प्रशासन, 7 किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने का आश्वासन
Gadchiroli Farmers Protest: गड़चिरोली में 4-5 हजार किसानों का 11 घंटे चक्काजाम चला। सात किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने के लिखित आश्वासन के बाद रात 11.30 बजे आंदोलन समाप्त हुआ।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
केस वापस लेने के लिए किसानों का विरोध प्रदर्शन (फोटो नवभारत)
Farmers Protest For Cases Withdrawal: गड़चिरोली जिले में चामोर्शी तहसील के मुधोली चक नंबर-2 में ड्रोन सर्वेक्षण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। 9 जुलाई को वरद फेरोज कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना और ग्रामीणों की अनुमति के ड्रोन से सर्वेक्षण किए जाने के विरोध में किसानों ने कंपनी के तीन कर्मचारियों को रोक लिया था।
इस घटना के बाद पुलिस ने सात किसानों सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। मामलों की जांच के लिए किसानों को पुलिस की ओर से नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया। मामले वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने आष्टी पुलिस थाने का रुख किया, लेकिन समाधानकारक जवाब नहीं मिलने पर आष्टी के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक में चक्काजाम शुरू कर दिया।
11 घंटे तक चलता रहा आंदोलन
दोपहर से शुरू हुआ आंदोलन करीब 11 घंटे तक जारी रहा। मुधोली सहित आसपास के करीब 20 से 25 गांवों के 4 से 5 हजार किसान आंदोलन में शामिल हुए। किसानों का आरोप था कि प्रस्तावित पोलाद प्रकल्प के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच ग्रामीणों की सहमति के बिना सर्वेक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान ड्रोन उड़ाने वाले कर्मचारियों को रोककर किसानों ने उनसे पूछताछ की थी।
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बाद में कंपनी में रोजंदारी पर काम करने वाले शिवम भैय्याजी कलोडे की शिकायत पर सात किसानों में नेमाजी घोगरे, विनोद भोयर, गुरुदास ठुसे, गुरुदास आभारे, सुधाकर गुट्टे, विवेक खोब्रागडे और वसंत बुरमवार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस नोटिस के विरोध में किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया।
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लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन हुआ खत्म
रात करीब 11.30 बजे अहेरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन, उपविभागीय पुलिस अधिकारी चांदेवार और आष्टी के पुलिस निरीक्षक वाघ ने आंदोलनकारियों से चर्चा की। हालांकि किसान सातों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक एम. रमेश से मोबाइल पर बातचीत की गई।
अंततः पुलिस विभाग की ओर से सात किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त किया। दिनभर प्रशासन की प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर किसान रात में भी मौके पर डटे रहे और वहीं भोजन पकाकर खाया। किसानों ने लिखित आश्वासन को अपने आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।
